पटना। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने छठ महापर्व के दौरान बिहार लौट रहे प्रवासियों की यात्रा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए केंद्र सरकार को घेरा है। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने बिहार के लिए पर्याप्त विशेष ट्रेनें नहीं चलाईं, जिसके कारण लाखों यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
एक वीडियो संदेश जारी कर तेजस्वी यादव ने कहा कि “रेल मंत्री और केंद्र सरकार के दावे पूरी तरह झूठे हैं। कहा गया था कि 13,000 में से 12,000 विशेष ट्रेनें बिहार के लिए चलाई गई हैं, जबकि हकीकत यह है कि लोग ठसाठस भरी ट्रेनों में जान जोखिम में डालकर यात्रा कर रहे हैं।”
भीड़भाड़ वाली ट्रेनों के वीडियो साझा कर उठाए सवाल
तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो साझा किए, जिनमें यात्री ट्रेन की सीटों के अलावा फर्श, दरवाजों और यहां तक कि शौचालयों में भी बैठे हुए दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि “त्योहार में घर लौट रहे यात्रियों के साथ जानवरों जैसा व्यवहार किया जा रहा है। बिहार के लोगों को उनकी आस्था के पर्व पर भी सम्मानजनक यात्रा सुविधा नहीं मिल पा रही है।”
रोजगार मुद्दे को भी जोड़ा
तेजस्वी यादव ने छठ पर बिहार लौटे प्रवासी मजदूरों से अपील करते हुए कहा कि वे बिना मतदान किए वापस न जाएं। उन्होंने कहा, “हम वादा करते हैं कि अगर इंडिया गठबंधन की सरकार बनी तो अगले साल तक हम युवाओं को यहीं रोजगार देंगे, ताकि उन्हें बाहर पलायन न करना पड़े।”
प्रवासी संख्या पर भी जताई चिंता
तेजस्वी ने संसद में पेश सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि बिहार के तीन करोड़ प्रवासी श्रमिक पंजीकृत हैं, जबकि वास्तविक संख्या लगभग पांच करोड़ तक हो सकती है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति दर्शाती है कि बिहार में आज भी रोजगार की गंभीर कमी है।
बिहार में विधानसभा चुनाव दो चरणों में होंगे—पहला चरण 6 नवंबर और दूसरा चरण 11 नवंबर को। मतगणना 14 नवंबर को होगी।