यमुनानगर। हरियाणा के यमुनानगर में मंगलवार शाम बड़ा हादसा टल गया। पश्चिमी यमुना नहर पर स्थित बाड़ी माजरा पुल अचानक ध्वस्त होकर नदी में समा गया। गनीमत रही कि हादसे के समय पुल पर कोई व्यक्ति या वाहन मौजूद नहीं था, वरना बड़ी जनहानि हो सकती थी। एहतियात के तौर पर पुलिस ने पुल मार्ग को दोनों ओर से बंद कर दिया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार यह पुल करीब 70 से 80 साल पुराना था और जिला प्रशासन ने इसे पहले ही असुरक्षित (कंडम) घोषित कर रखा था। इसके बावजूद ग्रामीण रोजमर्रा की आवाजाही के लिए इसे शॉर्टकट के रूप में इस्तेमाल करते थे। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने पुल की जर्जर हालत की जानकारी नजदीकी थाना पुलिस को कई बार दी थी, लेकिन समय रहते कोई मरम्मत या सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई।
छठ पर्व पर रहा था भारी दबाव
बताया जा रहा है कि छठ पर्व के दिन हजारों श्रद्धालु इस पुल से होकर गुजरे थे। पुल पहले से जर्जर था और इसके दरकने के संकेत पहले ही दिखने लगे थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल गिरने की आशंका पहले से थी, लेकिन प्रशासन की अनदेखी भारी पड़ सकती थी।
कई गांवों की कनेक्टिविटी प्रभावित
बाड़ी माजरा पुल पश्चिमी यमुना नहर पर बना हुआ था और आसपास के गांवों—बाड़ी माजरा, तीर्थ नगर, पांसरा, ताजकपुर समेत दर्जनों ग्रामीण इलाकों को जोड़ने वाला वैकल्पिक मार्ग था। इस पुल से उत्तर प्रदेश के सहारनपुर की ओर भी लोगों की आवाजाही होती थी। हालांकि नया पुल पहले ही तैयार हो चुका है, फिर भी स्थानीय स्तर पर पुराना पुल ज्यादा इस्तेमाल किया जाता था।
प्रत्यक्षदर्शी बोले – “बम धमाके जैसी आवाज आई”
एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि अचानक तेज धमाके जैसी आवाज आई और देखते ही देखते पुल का बड़ा हिस्सा पिलरों सहित ढह गया। इससे इलाके में दहशत फैल गई।
फिलहाल प्रशासन ने मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया है और पुल के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।