चंडीगढ़। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत हरियाणा में बड़ा घोटाला सामने आया है। कृषि विभाग की जांच में खुलासा हुआ है कि प्रदेशभर में 44,040 दंपतियों ने गलत जानकारी देकर योजना का दोहरा लाभ उठाया। सरकार ने तत्काल प्रभाव से इनकी किस्तें रोक दी हैं और अब वसूली की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
कृषि विभाग के अनुसार, योजना की शर्तों के मुताबिक एक परिवार से केवल एक सदस्य को ही लाभ मिल सकता है। लेकिन हजारों दंपतियों ने दोनों के नाम से आवेदन कर दोहरी किस्तें प्राप्त कीं। नारनौल के नोडल अधिकारी रविंद्र कुमार यादव ने बताया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों से पूरी राशि वापस ली जाएगी और राशि लौटाने के बाद ही आगे का लाभ दिया जाएगा।
प्रदेश में नूंह जिला फर्जीवाड़े में सबसे आगे है, जहां 7,802 दंपतियों ने दोहरी किस्तें लीं। इसके बाद भिवानी में 3,632, जींद में 3,284, कैथल में 2,870, महेंद्रगढ़ में 2,384 और सिरसा में 2,456 दंपती फर्जीवाड़े में पकड़े गए हैं। सभी मामलों की जांच जिला और राज्य स्तर पर जारी है।
विभाग जल्द ही ऐसे लाभार्थियों को नोटिस जारी करेगा। अधिकारीयों ने कहा कि यदि कोई किसान अब भी दोहरा लाभ ले रहा है, तो वह स्वयं जानकारी देकर कानूनी कार्रवाई से बच सकता है।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक मदद देना है। लेकिन फर्जी लाभार्थियों के कारण असली पात्र किसानों को नुकसान झेलना पड़ रहा है। कृषि विभाग अब ऐसी अनियमितताओं को रोकने के लिए सख्त सत्यापन प्रणाली लागू करने की तैयारी में है।