मोगा। 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इसी बीच पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अकाली दल-भाजपा गठबंधन की संभावनाओं पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक समझौते समय-समय पर होते रहते हैं, लेकिन इस तरह के निर्णय राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा लिए जाते हैं। कैप्टन ने कहा, “अंतिम फैसला पार्टी हाईकमान ही करेगा। मौजूदा माहौल को देखते हुए, जब बड़ी संख्या में लोग भाजपा में शामिल हो रहे हैं, संभव है कि हमें किसी गठबंधन की आवश्यकता ही न पड़े।”
नशे के खिलाफ एकजुट लड़ाई की अपील
राज्य सरकार की “नशे के खिलाफ युद्ध” मुहिम पर बोलते हुए अमरिंदर सिंह ने कहा कि नशे की समस्या को राजनीति से ऊपर उठकर सामूहिक प्रयासों से खत्म करना होगा। उन्होंने कहा, “नशे के खिलाफ लड़ाई में सभी दलों को एकजुट होना चाहिए। भाजपा शासन में देश ने जितनी तरक्की की है, उतनी किसी अन्य सरकार के समय नहीं हुई।”
उन्होंने आगे कहा कि “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की जीडीपी चीन से आगे निकल चुकी है”, और देश की निरंतर प्रगति के लिए भाजपा की सरकार का बने रहना आवश्यक है।
तरनतारन उपचुनाव और मजीठिया केस पर प्रतिक्रिया
तरनतारन उपचुनाव को लेकर कैप्टन ने कहा कि इस मामले में उन्हें कोई जानकारी नहीं है क्योंकि वे उस क्षेत्र का दौरा नहीं कर पाए हैं।
बिक्रम मजीठिया केस पर बोलते हुए अमरिंदर सिंह ने कहा कि इस मामले की जांच हरप्रीत सिंह सिद्धू ने पूरी कर हाईकोर्ट में बंद रिपोर्ट जमा कराई थी, ऐसे में दोबारा जांच करवाना अनुचित है। उन्होंने कहा, “बिक्रम मेरा रिश्तेदार नहीं है, लेकिन देश में हर कार्रवाई कानूनी दायरे में रहकर ही होनी चाहिए। मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा इस केस की दोबारा जांच के आदेश देना पूरी तरह गलत है।”