राहुल चावला , धर्मशाला | प्रदेश सरकार जनहित के मुद्दों पर चर्चा के लिए विशेष सत्र बुलाए, जिसमें जनसमस्याओं पर चर्चा की जाए। धर्मशाला के जदरांगल में सीयू निर्माण की लड़ाई सुप्रीमकोर्ट तक लड़ी जाएगी। यह बात सामाजिक कार्यकर्ता अतुल भारद्वाज ने वीरवार को धर्मशाला में प्रेसवार्ता में कही। अतुल ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में प्रभावित कब्जाधारियों, कर्मचारी व पेंशनर्स की समस्याएं, ठेकेदारों की पेंडिंग पेंडिंग और धारा 118 जैसे कई मामले हैं, जिन पर सत्ता पक्ष और विपक्ष को चर्चा करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार धारा 118 में संशोधन करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार बताए कि जदरांगल में सीयू का भवन कम बनेगा। जनहित के मुद्दों पर कैसे काम होगा, क्या नीति रहेगी, इस पर भाजपा व कांग्रेस को मिलकर विचार करना चाहिए और चर्चा सकारात्मक होनी चाहिए।
अतुल ने कहा कि प्रदेश सरकार विकास की बात तो कह रही है, लेकिन विकास किसका हो रहा है और कहां हो रहा है, इसका कोई अता-पता नहीं है। उन्होंने कहा कि जैसा कि कहा जा रहा है कि डेढ़ लाख प्रभावित कब्जाधारी हैं, जिन्होंने सरकारी भूमि पर घर बनाए हैं, उनसे यदि सरकार 2 लाख रुपये लेकर भी कब्जों को नियमित करे तो 30 अरब की राशि सरकारी खजाने में आ सकती है। अतुल ने कहा कि सेंट्रल यूनिवर्सिटी धर्मशाला के लिए स्वीकृत हुई थी, जबकि उसका निर्माण देहरा में किया जा रहा है,जो कि धर्मशाला के साथ अन्याय है। भाजपा व कांग्रेस दोनों दलों को सीयू पर अपना स्टैंड क्लीयर करना चाहिए।