Facebook-f Youtube Summer Express - Header One X-twitter

ऑपरेशन त्रिशूल में मल्टीडोमेन वारफेयर से युद्ध क्षमता का परीक्षण

नई दिल्ली। भारत ने पश्चिमी सीमाओं के पास अपनी तीनों सेनाओं — थलसेना, नौसेना और वायुसेना — की संयुक्त ताकत दिखाने के लिए ऑपरेशन त्रिशूल नामक बड़ा सैन्य अभ्यास शुरू कर दिया है। यह अभ्यास 10 नवंबर तक चलेगा और इसे देश की अब तक की सबसे व्यापक सैन्य कवायदों में से एक माना जा रहा है।

इस ऑपरेशन का उद्देश्य तीनों सेनाओं के बीच समन्वय को परखना और हर संभावित युद्धक्षेत्र में भारत की सामूहिक मारक क्षमता का प्रदर्शन करना है। यह अभ्यास हाल ही में संपन्न ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत की सामरिक तैयारियों का अगला चरण है।

राजस्थान और गुजरात की सीमाओं पर जंगी अभ्यास

ऑपरेशन त्रिशूल राजस्थान और गुजरात के सीमावर्ती इलाकों में चलाया जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह अभ्यास केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पड़ोसी देशों को भारत की रक्षा तत्परता और निर्णायक प्रतिक्रिया क्षमता का स्पष्ट संदेश देता है। रक्षा सूत्रों के अनुसार, किसी भी प्रकार की उकसावे की स्थिति में भारत सीमा पर ही नहीं, आवश्यकता पड़ने पर सीमा पार भी जवाब देने में सक्षम है।

25 हजार से अधिक जवान और अत्याधुनिक हथियार शामिल

इस अभ्यास में तीनों सेनाओं के 25,000 से अधिक जवान भाग ले रहे हैं। वायुसेना के राफेल और सुखोई लड़ाकू विमान, ब्रह्मोस और आकाश मिसाइल सिस्टम, युद्धक टैंक, इन्फैंट्री कॉम्बैट व्हीकल्स, लड़ाकू हेलिकॉप्टर, लंबी दूरी तक मार करने वाली आर्टिलरी प्रणालियां, ड्रोन और नौसेना के युद्धपोत इस ऑपरेशन का हिस्सा हैं।
ये सभी हथियार प्रणालियां भारत की युद्धक शक्ति और मल्टी-डोमेन ऑपरेशन क्षमता को दर्शाती हैं

मल्टी-डोमेन वॉरफेयर पर फोकस

ऑपरेशन त्रिशूल का मुख्य उद्देश्य मल्टी-डोमेन वॉरफेयर यानी जमीनी, हवाई और समुद्री युद्ध के साथ-साथ साइबर, इलेक्ट्रॉनिक और स्पेस सेक्टर में एकीकृत कार्रवाई की तैयारी है। आधुनिक युद्ध अब केवल पारंपरिक मोर्चों तक सीमित नहीं हैं। साइबर अटैक और ड्रोन वॉरफेयर जैसे नए खतरे भी उभर रहे हैं। इस अभ्यास के जरिए सेनाएं इन सभी परिस्थितियों से निपटने की रणनीति पर काम कर रही हैं।

कच्छ क्षेत्र पर विशेष नजर

अभ्यास का एक बड़ा हिस्सा गुजरात के कच्छ क्षेत्र में केंद्रित है, जो सामरिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है।
रक्षा मंत्रालय ने पहले ही स्पष्ट किया था कि यदि सर क्रीक इलाके में किसी प्रकार की उकसावे की कार्रवाई होती है, तो उसका तुरंत और निर्णायक जवाब दिया जाएगा। कच्छ की भौगोलिक स्थिति इसे और भी महत्वपूर्ण बनाती है, क्योंकि यह कराची तक जाने वाले सामरिक मार्ग से जुड़ा हुआ है।

रणनीतिक तैयारियों का संकेत

रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, ऑपरेशन त्रिशूल केवल एक सैन्य अभ्यास नहीं, बल्कि यह भारत की रक्षा नीति में आत्मनिर्भरता, समन्वय और आधुनिक युद्ध की दिशा में बढ़ते कदमों का प्रतीक है। यह अभ्यास दिखाता है कि भारत हर प्रकार की चुनौती का सामना करने के लिए न केवल तैयार है, बल्कि अपनी तीनों सेनाओं की शक्ति से निर्णायक जवाब देने में भी सक्षम है।

Karuna

infosummerexpress@gmail.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Trending

अंबाला से पांवटा साहिब के लिए शुरू हुई सीधी बस सेवा, यात्रियों को राहत

summer express , अंकुर कपूर, अंबाला। अंबाला से हिमाचल प्रदेश के ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल पांवटा साहिब के लिए पहली बार सीधी बस सेवा शुरू की गई है। नई बस सेवा शुरू होने से पांवटा साहिब के साथ नाहन और हिमाचल व उत्तराखंड के अन्य क्षेत्रों की ओर जाने वाले यात्रियों को सुविधा मिलेगी। यात्रियों को...

37 दिन बाद खत्म हुई नगर पालिका कर्मचारियों की हड़ताल, 16 मांगों पर बनी सहमति

summer express, अंकुर कपूर , अंबाला। नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा की 37 दिन से चल रही हड़ताल समाप्त होने के बाद कर्मचारी शनिवार से काम पर लौट आए। कर्मचारियों के काम पर लौटने से शहर में प्रभावित हुई सफाई व्यवस्था को दोबारा पटरी पर लाने का काम शुरू कर दिया गया है। नगर पालिका कर्मचारी...

युवाओं को अध्यात्म और राष्ट्र सेवा से जोड़ना समय की जरूरत: महंत रमन पुरी

summer express , बलिंदर कुमार .कैथल। आधुनिक शिक्षा, तकनीक और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के दौर में युवा पीढ़ी के सामने अवसरों के साथ कई सामाजिक और मानसिक चुनौतियां भी बढ़ रही हैं। ऐसे में युवाओं को शिक्षा और रोजगार के साथ संस्कार, अध्यात्म, आत्मविश्वास, अनुशासन और राष्ट्र सेवा की भावना से जोड़ना समय की आवश्यकता है।...

सिरसा में सीएम सैनी ने सुनीं शिकायतें, युवाओं ने नियमित भर्ती की मांग उठाई

summer express , सिरसा। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी शनिवार को ग्रीवेंस कमेटी की बैठक में शामिल होने के लिए पंचायत भवन पहुंचे। बैठक से पहले पंचायत भवन परिसर के पार्क में अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे लोगों की भीड़ जुट गई। कई शिकायतकर्ताओं को भवन के अंदर प्रवेश नहीं मिल सका। मुख्यमंत्री ने बैठक...

बेरी में 25 एकड़ जमीन पर बने 24 से अधिक फार्म हाउस अवैध, डीटीपी कार्रवाई की तैयारी

summer express ,तावड़ू। तावड़ू उपमंडल के बेरी राजस्व क्षेत्र में करीब 25 एकड़ जमीन पर पिछले डेढ़ वर्ष के दौरान विकसित किए गए दो दर्जन से अधिक फार्म हाउस प्रशासनिक जांच में नियमों के विपरीत पाए गए हैं। जांच के बाद प्रशासन ने कार्रवाई के लिए जिला नगर योजनाकार (डीटीपी) विभाग को पत्र भेजा है।...
Summer Express - header one

हम लाते हैं तेज़, साफ़ और भरोसेमंद ख़बरें — शोर के बीच भी सच्चाई तक पहुंचाने वाली।
चाहे ब्रेकिंग न्यूज़ हो या आपके लिए अहम कहानियाँ, हर दिन हम देते हैं समझदारी और रोचक अंदाज़ में कवरेज।

Must Read

©2025- All Right Reserved.