नई दिल्ली। केंद्र और राज्य सरकार के सभी पेंशनर्स के लिए यह अहम जानकारी है। अपनी पेंशन को बिना किसी रुकावट जारी रखने के लिए हर पेंशनर को साल में एक बार जीवन प्रमाण पत्र जमा करना अनिवार्य है। सरकार ने अब इस प्रक्रिया को डिजिटल माध्यम से और भी आसान बना दिया है ताकि वरिष्ठ नागरिकों को दिक्कत का सामना न करना पड़े।
सरकार ने जीवन प्रमाण पत्र जमा करने के लिए तारीखें तय कर दी हैं। सामान्य पेंशनर्स के लिए यह प्रक्रिया एक नवंबर से 30 नवंबर तक चलेगी जबकि 80 वर्ष से अधिक उम्र के पेंशनर्स के लिए यह सुविधा एक अक्टूबर से 30 नवंबर तक उपलब्ध रहेगी। यदि पेंशनर तय समय सीमा में प्रमाण पत्र जमा नहीं करते हैं तो उनकी पेंशन रोकी जा सकती है।सरकार ने जीवन प्रमाण पत्र जमा करने के दो तरीके उपलब्ध कराए हैं।
पहला तरीका डिजिटल माध्यम के जरिए है। पेंशनर्स जीवन प्रमाण पोर्टल या उमंग ऐप का इस्तेमाल करके घर बैठे प्रमाण पत्र जमा कर सकते हैं। इसके लिए आधार नंबर, मोबाइल नंबर और पेंशन अकाउंट की जानकारी भरनी होगी। इसके बाद बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के जरिए प्रमाण पत्र तैयार हो जाएगा और संबंधित विभाग को भेज दिया जाएगा।
दूसरा तरीका ऑफलाइन माध्यम का है। जो पेंशनर्स डिजिटल तरीका नहीं अपना सकते वे अपने नजदीकी बैंक शाखा, डाकघर या कॉमन सर्विस सेंटर में जाकर जीवन प्रमाण पत्र जमा कर सकते हैं।
सरकार ने 80 वर्ष से अधिक उम्र के पेंशनर्स और गंभीर रूप से बीमार लोगों के लिए विशेष सुविधाएं भी दी हैं। इन पेंशनर्स के लिए प्रमाण पत्र जमा करने की प्रक्रिया पहले ही एक अक्टूबर से शुरू कर दी गई है ताकि उन्हें भीड़ से राहत मिल सके। कई बैंक और डाकघर घर जाकर सेवा भी प्रदान कर रहे हैं ताकि बीमार या असमर्थ पेंशनर्स आसानी से प्रमाण पत्र जमा कर सकें।
सरकार का कहना है कि यह कदम वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है ताकि किसी भी पेंशनर की पेंशन बाधित न हो और समय पर जारी रहे।