रोहतक। दिवंगत आईजीपी वाई. पूरण कुमार आत्महत्या मामले में नया मोड़ आ गया है। मृतक अधिकारी के गनमैन सुशील कुमार की पत्नी सोनी देवी ने सरकार, जेल प्रशासन और न्यायपालिका के उच्च अधिकारियों को पत्र लिखकर अपने पति की जान को खतरा बताया है।
सोनी देवी का कहना है कि उनके पति को जेल के अंदर जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं और उन्हें दूसरी जेल में स्थानांतरित करने की मांग की गई है।
जानकारी के अनुसार, सोनी देवी ने हरियाणा के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह), महानिदेशक (कारागार), पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल, रोहतक जिला एवं सत्र न्यायाधीश, चंडीगढ़ एसआईटी, और जेल अधीक्षक को पत्र भेजा था।
पत्र में आरोप लगाया गया है कि संदीप और विकास नामक दो कैदी सुशील कुमार को लगातार धमका रहे हैं। परिवार को शनिवार सुबह सुशील कुमार का फोन आया, जिसमें उन्होंने बताया कि वे डर और दबाव में हैं।
सोनी देवी के अनुसार, उनके पति को रोजाना प्रताड़ित किया जा रहा है और अब उनकी सहनशीलता की सीमा समाप्त हो चुकी है। उन्होंने कहा कि उनके पति कोई सामान्य कैदी नहीं, बल्कि आईपीएस अधिकारी वाई. पूरण कुमार की आत्महत्या के मामले के एकमात्र प्रमुख गवाह हैं।
उनका दावा है कि सुशील कुमार ही वह व्यक्ति हैं जो यह साबित कर सकते हैं कि उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर झूठी और साजिश के तहत बनाई गई थी।
गौरतलब है कि दिवंगत अधिकारी की पत्नी और आईएएस अधिकारी अमनीत पी. कुमार भी पहले ही यह आरोप लगा चुकी हैं कि एफआईआर उनके पति को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के उद्देश्य से दर्ज की गई थी।
सोनी देवी ने अपनी शिकायत में मांग की है कि उनके पति को रोहतक जेल से हटाकर अंबाला, चंडीगढ़ या किसी अन्य सुरक्षित जेल में स्थानांतरित किया जाए, जहां प्रभावशाली व्यक्तियों और उनके समर्थकों की पहुंच न हो।