नई दिल्ली | इज़राइल और फिलिस्तीन के बीच संघर्ष विराम के बाद अब गाजा में प्रशासन चलाने के लिए एक नई अंतरराष्ट्रीय योजना तैयार की गई है। इस प्रस्ताव के तहत अमेरिका और उसके सहयोगी देश दो साल के लिए गाजा का अस्थायी शासन संभालेंगे। योजना में एक विशेष अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बल — “इंटरनेशनल स्टेबिलाइजेशन फोर्स (ISF)” — के गठन का भी प्रावधान है, जो गाजा की सुरक्षा, मानवीय सहायता और बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण का जिम्मा संभालेगी।
Axios रिपोर्ट के अनुसार, इस मसौदे पर डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने काम किया है और इज़राइल व मिस्र ने इस पर सहमति जताई है। हालांकि, हमास द्वारा हथियार न छोड़ने की स्थिति में क्षेत्र में फिर से तनाव बढ़ने की आशंका बनी हुई है।
अस्थायी सरकार और ISF की भूमिका
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में पेश किए जाने वाले इस मसौदे में दो वर्षों के लिए गाजा में अस्थायी बहुराष्ट्रीय प्रशासन (Interim Governance) की व्यवस्था की जाएगी। यह प्रणाली संयुक्त राष्ट्र की देखरेख में चलेगी और स्थानीय प्रशासन, सुरक्षा, सीमाई निगरानी, मानवीय राहत और पुनर्निर्माण कार्यों का समन्वय करेगी।
ISF का प्रमुख उद्देश्य गाजा में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना, हमास सहित अन्य समूहों के हथियारों की बरामदगी, और स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर शांति बहाली सुनिश्चित करना है।
कौन होंगे शामिल देश
अमेरिका इस अंतरराष्ट्रीय बल में नेतृत्वकारी भूमिका निभाएगा, लेकिन इसमें शामिल होने वाले देशों पर मतभेद बने हुए हैं। इज़राइल ने स्पष्ट किया है कि तुर्की जैसे कुछ देशों को इसमें शामिल नहीं किया जाएगा। वहीं, मिस्र, जॉर्डन और यूरोपीय देशों की भागीदारी और बल की वापसी-समयरेखा को लेकर बातचीत जारी है।
सबसे बड़ी चुनौती: हमास का निशस्त्रीकरण
इस योजना का सबसे कठिन पहलू हमास का डिमिलिटरीकरण यानी हथियार छोड़वाना माना जा रहा है। यही कदम इस पूरी व्यवस्था की सफलता या विफलता तय करेगा। इसके साथ ही ISF को मानवीय राहत वितरण, बुनियादी ढांचा बहाली और माइंस हटाने जैसी जिम्मेदारियां भी सौंपी जाएंगी।
विशेषज्ञों ने जताई चिंताएं
रक्षा और अंतरराष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञों का मानना है कि ISF जैसी व्यवस्था लागू करना सैन्य और राजनीतिक दोनों स्तरों पर चुनौतीपूर्ण होगा। इसे स्थानीय स्वीकृति, वैधता और दीर्घकालिक समाधान से जोड़ना बेहद जरूरी है। यदि हमास सहयोग नहीं करता, तो यह योजना अगले बड़े संघर्ष का कारण भी बन सकती है।
UNSC में प्रस्ताव पर नजर
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में प्रस्ताव पेश करने की अंतिम तैयारी चल रही है। सूत्रों के मुताबिक, मसौदे में कई तकनीकी और राजनीतिक बिंदुओं पर अभी भी चर्चा जारी है। इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि — हमास हथियार डालने पर सहमत होता है या नहीं, क्षेत्रीय शक्तियां (इज़राइल, मिस्र, जॉर्डन आदि) इस योजना का समर्थन करती हैं या नहीं, और क्या यह बल गाजा में स्थायी शांति और विश्वास बहाल कर पाता है।