कोटा। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना (NFSA) के तहत कोटा जिले में चलाए जा रहे ‘गिव-अप अभियान’ को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। जिला रसद अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि ऐसे अपात्र परिवार, जो योजना का अनुचित लाभ ले रहे हैं, वे 31 दिसंबर तक स्वेच्छा से अपना नाम सूची से हटवाएं। तय समय सीमा के बाद नाम न हटाने वालों पर ₹30.57 प्रति किलो गेहूं की दर से वसूली की जाएगी और कानूनी कार्रवाई भी होगी।
‘गिव-अप अभियान’ का उद्देश्य
अभियान का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ केवल पात्र लाभार्थियों तक ही पहुंचे। अधिकारी ने बताया कि जो परिवार अब निष्कासन श्रेणी में आते हैं, वे इस योजना के तहत राशन प्राप्त करने के हकदार नहीं हैं।
नाम हटवाने की अंतिम तिथि और प्रक्रिया
अपात्र लाभार्थी 31 दिसंबर 2025 तक अपने नजदीकी राशन डिपो पर जाकर स्वघोषणा पत्र भरकर नाम हटवा सकते हैं। यदि कोई व्यक्ति ऐसा नहीं करता, तो उससे ₹30.57 प्रति किलो गेहूं की वसूली की जाएगी।
डोर-टू-डोर जांच और कानूनी कार्रवाई
विभाग पात्रता सत्यापन को लेकर अब कड़ा रुख अपना चुका है। डोर-टू-डोर जांच के जरिए अपात्र लाभार्थियों की सूची तैयार की जा रही है, जिसे पंचायत समितियों, नगर पालिकाओं, रसद कार्यालयों और कलक्ट्रेट परिसर में सार्वजनिक रूप से चस्पा किया जाएगा। इसके अलावा अपात्र व्यक्तियों को नोटिस जारी कर कानूनी वसूली की जाएगी।
लक्ष्य: गरीबों तक पहुंचे वास्तविक लाभ
अधिकारी ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि गरीबों और जरूरतमंदों के लिए निर्धारित अनाज गलत हाथों तक न पहुंचे। सरकार चाहती है कि हर योग्य व्यक्ति को योजनाओं का न्यायसंगत लाभ मिले।