मंडी। पंडोह डैम का जलस्तर बढ़ने से बाखली खड्ड का पानी भी उफान पर है, जिसके चलते शनिवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। कशोड़ से पंडोह की ओर जा रही बोलेरो टैक्सी छह सवारियों समेत खड्ड में पलट गई, लेकिन स्थानीय लोगों की तत्परता से सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हादसे के बाद वाहन को निकालने के लिए जेसीबी मशीन की मदद ली जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कुकलाह पुल के 30 जून को आई आपदा में बह जाने के बाद से इलाके के लोग लगातार परेशानी झेल रहे हैं। 16 पंचायतों के हजारों निवासी अब तक पुल न बनने के कारण रोज़ाना अपनी जान जोखिम में डालकर बाखली खड्ड पार कर रहे हैं।
पंडोह डैम में तकनीकी खराबी के चलते जब डैम प्रबंधन को लगभग 9,000 क्यूसेक पानी की आपूर्ति रोकनी पड़ी, तो बाखली खड्ड का जलस्तर तेजी से बढ़ गया, जिससे स्थानीय लोगों द्वारा दान से बनाई गई वैकल्पिक सड़क भी क्षतिग्रस्त हो गई।
कुकलाह पंचायत प्रधान नोख सिंह ने कहा कि क्षेत्रवासी पिछले चार महीनों से बिना पुल के जिंदगी जी रहे हैं। उन्होंने सरकार से बाखली खड्ड पर स्थायी पुल के शीघ्र निर्माण की मांग की है ताकि इस संकट से राहत मिल सके।
इससे पहले भी बाखली खड्ड को पार करते हुए कई वाहन पानी में बहते हुए नजर आए थे, जिनके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। स्थानीय लोग रस्सियों और धक्कों की मदद से गाड़ियों को बाहर निकालते रहे हैं।
लोक निर्माण विभाग पंडोह के अधिशाषी अभियंता विनोद शर्मा ने बताया कि विभाग ने बाखली खड्ड पर पैदल और वाहन योग्य पुल के निर्माण का प्रस्ताव सरकार को भेज दिया है। मंजूरी मिलते ही टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।