Karnal, 9 November
श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में करनाल की पावन धरती पर रविवार को “हिंद दी चादर मैराथन” का भव्य आयोजन हुआ। इस आयोजन की शुरुआत केंद्रीय ऊर्जा, आवासन एवं शहरी मामले मंत्री मनोहर लाल ने हरी झंडी दिखाकर की।
करनाल से जन-जागरण की दौड़ की शुरुआत
सुबह की पहली किरण के साथ देशभक्ति और श्रद्धा से ओतप्रोत वातावरण में हजारों प्रतिभागी गुरु साहिब के बलिदान को नमन करते हुए आगे बढ़े। करनाल की गलियों में धार्मिक व सामाजिक संस्थाओं ने पुष्प वर्षा कर प्रतिभागियों का स्वागत किया। पूरा शहर गुरु भक्ति में डूबा नजर आया।
बलिदान ही सच्ची सेवा का प्रतीक: मनोहर लाल
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा,“यह मैराथन केवल एक दौड़ नहीं, बल्कि हमारी भावनाओं और श्रद्धा का प्रतीक है। श्री गुरु तेग बहादुर जी का बलिदान संपूर्ण मानवता के लिए प्रेरणास्रोत है। जब कश्मीरी पंडित कृपाराम ने अत्याचारों से मुक्ति की गुहार लगाई थी, तब गुरु साहिब ने निःस्वार्थ भाव से अपने जीवन का बलिदान देकर धर्म की रक्षा की। हमें उनके जीवन से यह सीख मिलती है कि जब देश और धर्म की रक्षा की बात आए, तो हमें स्वयं आगे बढ़कर योगदान देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि गुरु गोबिंद सिंह जी के शब्द ऐसे महापुरुष आपके अलावा और कौन हो सकता हैआज भी हर भारतीय के हृदय में गूंजते हैं।
शहादत से मिली प्रेरणा, विश्वभर में हो रहे आयोजन
मनोहर लाल ने बताया कि श्री गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी दिवस पर देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी आयोजन हो रहे हैं।यह केवल श्रद्धांजलि नहीं बल्कि उस महान बलिदान के प्रति आभार है, जिसने मानवता को बचाया। युवाओं को उनके जीवन से प्रेरणा लेकर देश, समाज और धर्म की सेवा के लिए समर्पित होना चाहिए।
तीन श्रेणियों में हुआ आयोजन
‘हिंद दी चादर’ मैराथन में 60 हजार से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
आयोजन तीन श्रेणियों में हुआ —
- 21 किलोमीटर और 10 किलोमीटर की दौड़ सुबह 5:30 बजे शुरू हुई।
- 5 किलोमीटर श्रेणी में हर आयु वर्ग के लोगों ने भाग लिया।
पूरा आयोजन एकता, श्रद्धा और सेवा की भावना से सराबोर रहा।