इस्लामाबाद/पेशावर | पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में सोमवार देर रात सुरक्षा बलों के काफिले पर आईईडी धमाके में 16 जवान घायल हो गए। यह विस्फोट डेरा इस्माइल खान जिले के लोनी गांव में हुआ, जब पाकिस्तानी सेना और फ्रंटियर कोर का दल लोनी चौकी से लौट रहा था। अधिकारियों ने बताया कि घायलों को नजदीकी सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां सभी का इलाज जारी है।
इसी बीच, अफगानिस्तान की सीमा से लगे दक्षिण वजीरिस्तान जिले में स्थित कैडेट कॉलेज वाना पर आत्मघाती हमला हुआ, जिसमें छह लोग घायल हुए। हमलावर ने कॉलेज के मुख्य द्वार पर खुद को विस्फोटक से उड़ा लिया।
सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, दोनों हमलों के पीछे प्रतिबंधित संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) का हाथ होने की आशंका है। पाकिस्तान सरकार ने पिछले वर्ष टीटीपी को ‘‘फितना अल-खवारिज’’ घोषित किया था — यह शब्द इस्लामी इतिहास में हिंसक गुटों के लिए प्रयोग किया जाता रहा है।
हाल के महीनों में पाकिस्तान, खासकर सीमा से लगे इलाकों में, आतंकी गतिविधियों में तेजी आई है। इन हमलों में अधिकतर पुलिस, कानून प्रवर्तन एजेंसियों और सुरक्षा बलों को निशाना बनाया जा रहा है।
पाकिस्तानी सेना ने बताया कि खैबर पख्तूनख्वा में हुए दो अलग-अलग अभियानों में सुरक्षा बलों ने कम से कम 20 टीटीपी आतंकियों को मार गिराया है।