Mandi, 13 November
विधानसभा क्षेत्र बल्ह के विधायक इंद्र सिंह गांधी ने नेरचौक स्थित लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज से एक साथ 41 डॉक्टरों के तबादले के निर्णय को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखु की मंडी और बल्ह विरोधी नीति करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह फैसला सरकार की राजनीतिक प्रतिशोध की भावना को दर्शाता है और इससे क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को गहरा आघात पहुंचा है।
विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री मंचों से बार-बार समान विकास की बात करते हैं, लेकिन उनके फैसले उस दावे को झूठा साबित कर रहे हैं। मेडिकल कॉलेज से इतने डॉक्टरों का एक साथ तबादला करना न केवल बल्ह बल्कि पूरे हिमाचल की स्वास्थ्य व्यवस्था को कमजोर करने जैसा कदम है।इंद्र सिंह गांधी ने आरोप लगाया कि सुखु सरकार मंडी को जानबूझकर विकास की दौड़ से पीछे धकेल रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार बनने के बाद से मंडी और बल्ह की उपेक्षा लगातार जारी है — चाहे सरदार पटेल विश्वविद्यालय से कॉलेजों को अलग करने का मामला हो या अब मेडिकल कॉलेज की क्षमता घटाने का।विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री ने हाल ही में मंडी दौरे के दौरान विकास के वादे किए थे, मगर शिमला लौटते ही मंडी के हितों के खिलाफ निर्णय लेकर अपने असली इरादे उजागर कर दिए।उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने यह तबादला आदेश तुरंत वापस नहीं लिया, तो भाजपा और बल्ह की जनता आंदोलन का रास्ता अपनाएगी। उन्होंने कहा कि मंडी और बल्ह के साथ सौतेला व्यवहार अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और जनता लोकतांत्रिक तरीके से इसका जवाब देगी।