Shimla, 16 November
राष्ट्रीय प्रेस दिवस के उपलक्ष्य में शिमला में आयोजित राज्यस्तरीय समारोह में तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि लोकतंत्र में प्रेस की भूमिका केवल सूचनाएं देने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज को पारदर्शिता, जवाबदेही और जागरूकता की दिशा में प्रेरित करना भी है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र और सशक्त मीडिया लोकतंत्र को जीवंत बनाए रखता है।
धर्माणी ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी के इस युग में मीडिया के समक्ष नई चुनौतियां खड़ी हुई हैं। एआई, डीपफेक और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर तीव्र गति से फैलने वाली भ्रामक खबरें समाज को भ्रमित करती हैं। ऐसे माहौल में मीडिया की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है कि वह तथ्य आधारित और सत्यापित जानकारी ही जनता तक पहुंचाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में सरकार जनहित में अनेक कल्याणकारी पहल कर रही है, और मीडिया का दायित्व है कि वह जनहितकारी नीतियों को सही रूप में जनता तक पहुंचाए।
मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने कहा कि मीडिया सरकार और जनता के बीच सेतु की भूमिका निभाता है। तथ्य-आधारित समाचारों का प्रकाशन पत्रकारिता की विश्वसनीयता को बनाए रखने के लिए अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि मीडिया को आत्ममंथन करते हुए विश्वसनीयता को शीर्ष प्राथमिकता देनी चाहिए।हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के प्रो. शशिकांत शर्मा ने ‘बढ़ती भ्रामक सूचनाओं के बीच प्रेस की विश्वसनीयता’ विषय पर कहा कि ब्रेकिंग न्यूज की प्रतिस्पर्धा ने समाचारों की गुणवत्ता और जांच-पड़ताल को कमजोर किया है। उन्होंने स्लो न्यूज की अवधारणा का समर्थन करते हुए कहा कि सही और विस्तृत जानकारी ही पाठकों का विश्वास बनाए रख सकती है।
हिलपोस्ट के प्रधान संपादक रवींद्र मखैक ने सोशल मीडिया पर फैल रही फर्जी खबरों पर चिंता जताई और कहा कि आमजन के लिए सही और गलत सूचना में अंतर करना कठिन हो गया है। ऐसे में पत्रकारों को तथ्यों की गहन जांच करना आवश्यक है।अन्य वक्ताओं—मुकेश राजपूत, पी.सी. लोहमी और अश्वनी शर्मा—ने निडर, निष्पक्ष और तथ्यपरक पत्रकारिता को समय की जरूरत बताया।कार्यक्रम में निदेशक सूचना एवं जन सम्पर्क राजीव कुमार ने अतिथियों का स्वागत किया और सभी मीडिया कर्मियों को प्रेस दिवस की शुभकामनाएं दीं।