Shimla, 16 November
राजधानी दिल्ली के प्रसिद्ध दिल्ली हाट परिसर में शुरू हुए 15 दिवसीय हिमोत्सव में हिमाचल के पारंपरिक उत्पादों ने लोगों का ध्यान आकर्षित करना शुरू कर दिया है। रविवार, 16 नवंबर को हिमोत्सव के शुभारंभ अवसर पर हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने जाइका वानिकी परियोजना द्वारा लगाए गए स्टॉल का औपचारिक उद्घाटन किया।
मुख्य सचिव ने प्रदर्शनी क्षेत्र का निरीक्षण करते हुए स्वयं सहायता समूहों (SHGs) द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की सराहना की। उन्होंने कहा कि हिमोत्सव राज्य की समृद्ध परंपरा, संस्कृति, कला और खानपान को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का एक प्रभावी मंच है।जाइका वानिकी परियोजना ने इस बार 12 स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को प्रदर्शित और बिक्री के लिए शामिल किया है। इसके लिए परिसर में 5 स्टॉल स्थापित किए गए हैं, जिनमें हिमाचली परिधान, जैविक एवं रसायन-मुक्त उत्पाद, हस्तशिल्प और स्थानीय स्तर पर निर्मित कई पहाड़ी वस्तुएं उपलब्ध कराई गई हैं।
परियोजना के प्रोग्राम मैनेजर (मार्केटिंग एवं ग्रामीण वित्त) विनोद शर्मा ने बताया कि दिल्ली हाट में आयोजित यह उत्सव स्वयं सहायता समूहों को व्यापक बाजार और नई पहचान दिलाने का अनूठा अवसर उपलब्ध कराता है। उनके अनुसार, देश और विदेश से आने वाले पर्यटक यहां हिमाचली संस्कृति से रूबरू होते हैं और स्थानीय उत्पादों को सराहते हैं।इस अवसर पर पीएमयू शिमला से एसएमएस रचना चंदेल, ठियोग से डॉ. अभय महाजन, पालमपुर से कृतिका शर्मा, रोहडू से पारस झगटा, मनाली के एफटीयू शुभम और विकेश, ठियोग के एफटीयू लाकेंद्र, पालमपुर की एफटीयू अनु सूद सहित परियोजना टीम के अन्य प्रतिनिधि मौजूद रहे।