यमुनानगर | एशिया की सबसे बड़ी चीनी मिलों में शामिल सरस्वती शुगर मिल्स लिमिटेड में नए गन्ना पेराई सत्र की शुरुआत बुधवार को कर दी गई। मिल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एस.के. सचदेवा ने विधिवत शुभारम्भ किया। इस मौके पर वरिष्ठ अधिकारी डी.पी. सिंह (सीनियर वाइस प्रेज़िडेंट–प्रशासन), सत्यवीर सिंह (सीनियर वाइस प्रेज़िडेंट–टेक्निकल), ललित कुमार (वाइस प्रेज़िडेंट–केन) सहित क्षेत्र के गणमान्य लोग मौजूद रहे।
पहली सप्लाई लाने वाले किसानों का सम्मान
शुभारम्भ समारोह में इस सीज़न की पहली गन्ना सप्लाई करने वाले किसान—
- मुस्तफा (ग्राम दौलतपुर)
- गफूर (ग्राम रायेपुर)
- गुरमेज़ सिंह (ग्राम महिलांवाली)
साथ ही गन्ना केन्द्र पाबनी और कुलपुर से आए ड्राइवर नायब सिंह को माला पहनाकर और उपहार देकर सम्मानित किया गया।
मिल की विशेष तैयारियाँ, इस साल 125 लाख क्विंटल पेराई का लक्ष्य
सीईओ एस.के. सचदेवा ने बताया कि मिल को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए इस बार विशेष तैयारी की गई है, ताकि प्रतिदिन अधिकतम पेराई सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि इस वर्ष 125 लाख क्विंटल गन्ना पेराई का लक्ष्य रखा गया है। पिछले सीज़न में मिल ने 140 लाख क्विंटल गन्ने की रिकॉर्ड पेराई की थी।
किसानों को पुनः मिलेगा पंजीकरण योजना का लाभ
सचदेवा ने बताया कि पिछले वर्ष की तर्ज पर इस बार भी गन्ना किसान पंजीकरण योजना का लाभ उन किसानों को मिलेगा जो अपने कुल गन्ना उत्पादन का 85 प्रतिशत या उससे अधिक हिस्सा मिल को सप्लाई करेंगे।
उन्होंने किसानों से अपील की कि वे पूरा गन्ना मिल को दें, ताकि योजना का पूरा लाभ मिल सके।
जहाँ 4–5 फुट दूरी पर बिजाई, वहाँ हार्वेस्टर से कटाई
सीईओ ने कहा कि जिन किसानों ने 4 से 5 फुट की दूरी पर फसल बोई है, उनके खेतों में इस सीज़न केन हार्वेस्टर से कटाई करवाई जाएगी, जिससे समय और श्रम दोनों की बचत होगी।
अंत में मिल प्रबंधन ने पहली सप्लाई करने वाले किसानों और वाहन चालकों को दोबारा सम्मानित कर पेराई सत्र की शुरुआत को औपचारिक रूप से सफल बनाया।