चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने जिला परिषदों और जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (DRDA) के प्रशासनिक कार्यों को सुचारू रखने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (CEO) की अनुपस्थिति में कामकाज प्रभावित न हो, इसके लिए राज्य सरकार ने प्रत्येक जिले में तीन स्तरों पर लिंक अधिकारी नियुक्त किए हैं।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की ओर से जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार अब किसी भी जिले में जिला परिषद और डीआरडीए के सीईओ की गैर-मौजूदगी—जैसे अवकाश, प्रशिक्षण, सरकारी दौरे, चुनाव ड्यूटी, स्थानांतरण या सेवानिवृत्ति—की स्थिति में वहीं के वरिष्ठ अधिकारी अस्थायी रूप से जिम्मेदारियां संभालेंगे।
जिलों में लिंक अधिकारियों की नई संरचना इस प्रकार रहेगी
- लिंक अधिकारी-1: अतिरिक्त उपायुक्त (ADC)
- लिंक अधिकारी-2: जिला नगर आयुक्त
- लिंक अधिकारी-3: जिला मुख्यालय के उपमंडल अधिकारी (नागरिक)
ये अधिकारी निर्धारित क्रम में जिला परिषदों और डीआरडीए से जुड़े सभी प्रशासनिक, वित्तीय और विकासात्मक कार्यों को संभालेंगे ताकि किसी भी तरह की रुकावट न आए।
क्यों की गई ये नियुक्तियां?
राज्य सरकार का उद्देश्य है कि विकास योजनाओं, फंड वितरण, पंचायत स्तरीय प्रोजेक्ट्स और ग्रामीण विकास कार्यक्रमों में कोई देरी न हो। कई बार अधिकारियों की अनुपस्थिति या स्थानांतरण के कारण महत्वपूर्ण फाइलें, परियोजनाएं और निरीक्षण कार्य लंबित रह जाते हैं। नए लिंक अधिकारियों की नियुक्ति से अब हर जिले में कार्यप्रणाली निरंतर और प्रभावी बनी रहेगी।
सरकार का दावा है कि इससे जिला परिषदों और DRDA से जुड़े कार्यों की गति, पारदर्शिता और निर्णय क्षमता में सुधार होगा।