चंडीगढ़ | हरियाणा के टीबी मरीजों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। अब प्रदेश में मरीजों को टीबी परीक्षण के लिए लंबी लाइनों में इंतजार नहीं करना पड़ेगा। हरियाणा सरकार ने पहली बार 40 आधुनिक टू-नेट (TrueNat) मशीनों की खरीद के लिए 6 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। इन मशीनों को राज्य के सीएचसी और पीएचसी में उपलब्ध कराया जाएगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, ये मशीनें टीबी के संदिग्ध मरीजों की त्वरित और गुणवत्तापूर्ण जांच में अहम भूमिका निभाएंगी। मरीजों का परिणाम मात्र एक से डेढ़ घंटे में मिल सकेगा, जिससे रोग का जल्द पता लग सकेगा।
टीबी संक्रमण रोकने में मिलेगी मदद
नई मशीनों से गंभीर टीबी मामलों की पहचान आसान हो जाएगी। इसका उद्देश्य हरियाणा के ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों तक जांच सुविधा का विस्तार करना है। टू-नेट मशीन एमडीआर (मल्टीपल ड्रग रेजिस्टेंट) मरीजों की भी जांच करने में सक्षम है। समय पर रोग की पहचान होने से टीबी के संक्रमण को रोकने में मदद मिलेगी।
साल 2025 में 79,000 नए मरीजों की पहचान
जनवरी से अक्टूबर 2025 तक हरियाणा में करीब 79,000 नए टीबी मरीजों की पहचान हुई और नौ लाख से अधिक टेस्ट किए गए। इस दौरान 78,000 से अधिक मरीजों को सफलतापूर्वक टीबी मुक्त भी किया गया। टीबी अधिकारी का कहना है कि ज्यादा टेस्ट करने से मरीजों की संख्या में वृद्धि दर्ज होती है, लेकिन इसका उद्देश्य संक्रमण को रोकना है।
एक अनुमान के अनुसार, एक टीबी मरीज सालभर में 10 से 15 लोगों को संक्रमित कर सकता है। समय पर जांचऔर इलाज से संक्रमण को प्रभावी रूप से रोका जा सकता है। इसलिए हरियाणा सरकार और स्वास्थ्य विभाग जांच सुविधाओं का विस्तार करने पर जोर दे रहे हैं।