चंडीगढ़। पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने लाल किले के पास हुए ब्लास्ट मामले में फरीदाबाद की एक यूनिवर्सिटी का नाम सामने आने को गंभीर चिंता का विषय बताया है। उन्होंने इसे खुफिया एजेंसियों की बड़ी चूक करार देते हुए कहा कि सरकार दोषी अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करे।वे गुरुवार को चौटाला हाउस में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
7 दिसंबर को जुलाना में जजपा की स्थापना दिवस रैली
चौटाला ने बताया कि जननायक जनता पार्टी का आठवां स्थापना दिवस 7 दिसंबर को जींद के जुलाना में आयोजित रैली के साथ मनाया जाएगा। पार्टी अध्यक्ष डॉ. अजय सिंह चौटाला के नेतृत्व में रैली में आगामी राजनीतिक रणनीति पर निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके लिए कार्यकर्ताओं को गांव-गांव जाकर आमंत्रण देने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
“प्रदेश का हर वर्ग सरकार की नीतियों से निराश”
पूर्व डिप्टी सीएम ने कहा कि बीते एक वर्ष में प्रदेश का हर वर्ग सरकार की नीतियों से परेशान रहा है। कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार बिगड़ी है, जिससे सरकारी प्रबंधन की पोल खुली है। उन्होंने लाडो लक्ष्मी योजना के नाम पर गरीब परिवारों के राशन कार्ड काटने और पेंशन प्रभावित होने को निंदनीय बताया।
धान घोटाले में फिजिकल वेरिफिकेशन की मांग
धान घोटाले पर चौटाला ने कहा कि सैकड़ों करोड़ रुपये की फर्जी बिलिंग कर बड़ी धोखाधड़ी को अंजाम दिया गया है। उन्होंने 2019 की तर्ज पर प्रदेश के सभी मिलर्स की फिजिकल वेरिफिकेशन कराने और धान की इनकमिंग तथा डिस्पैच की विस्तृत जांच की मांग की।
उन्होंने बाजरे की खरीद में भी गड़बड़ियों की ओर इशारा करते हुए दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की आवश्यकता बताई।
18 लाख एकड़ फसल प्रभावित, मुआवजा अब तक नहीं
दुष्यंत चौटाला ने कहा कि हालिया बारिश और बाढ़ के कारण 18 लाख एकड़ फसल प्रभावित हुई, लेकिन सरकार ने अब तक किसानों के खातों में एक भी रुपया जारी नहीं किया। उन्होंने कहा कि सरकार को यात्राओं के बजाय किसानों और आम जनता की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए।
कांग्रेस पर वोट चोरी का आरोप
‘वोट चोरी गद्दी छोड़ो’ अभियान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि देश में वोट चोरी की शुरुआत कांग्रेस ने की थी। उन्होंने कहा कि यदि चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं, तो आयोग को भी इस विषय पर श्वेत पत्र जारी करना चाहिए।
पेपरलेस रजिस्ट्री में बढ़ी शुल्क वसूली
राजस्व विभाग पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि पेपरलेस रजिस्ट्री के नाम पर जनता से अधिक शुल्क वसूला जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि पहले 300 रुपये में होने वाले दस्तावेजों की फीस अब 1500 रुपये कर दी गई है, जो आम जनता के साथ धोखाधड़ी है।