जालंधर | मकसूदां थाना पर 2018 में हुए ग्रेनेड हमले के मामले में आरोपियों को बड़ा झटका लगा है। NIA की विशेष अदालत ने मुख्य आरोपियों आमिर नजीर, शाहिद और फाजिल बशीर की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। अदालत ने यह फैसला हमले की गंभीरता और आरोपियों के आतंकी नेटवर्क से जुड़े होने के आधार पर सुनाया।
जांच में सामने आया कि आरोपी खालिस्तान समर्थक नेटवर्क से जुड़े थे और पंजाब में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश में शामिल थे। NIA ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं और आतंकवाद निरोधक कानून (UAPA) की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
13 सितंबर 2018 को मकसूदां थाने पर चार ग्रेनेड फेंके गए थे। इस हमले में दो कश्मीरी छात्रों, शाहिद और फाजिल को गिरफ्तार किया गया था। दोनों का संबंध आतंकी संगठन गजवत-उल-हिंद से बताया गया। अदालत के इस फैसले के बाद अब आरोपियों को तात्कालिक राहत नहीं मिली है और उन्हें न्यायिक हिरासत में ही रखा जाएगा।
विशेष अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। यह फैसला पंजाब में कानून-व्यवस्था और आतंकवाद निरोधक प्रयासों के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।