चंडीगढ़ | हरियाणा के सरकारी अस्पतालों में आज गुरुवार सुबह दो घंटे के लिए ओपीडी (बाह्य रोगी विभाग) सेवाएं प्रभावित रहेंगी। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन (HCMS) से जुड़े डॉक्टर सुबह 9 बजे से 11 बजे तक कलमबंद हड़ताल पर रहेंगे। एसोसिएशन राज्य सरकार द्वारा वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी (SMO) के पदों पर सीधी भर्ती नीति का विरोध कर रही है।
इमरजेंसी, ऑपरेशन और प्रसूति सेवाएं रहेंगी जारी
हड़ताल के दौरान ओपीडी में किसी भी तरह का इलाज नहीं होगा, लेकिन ऑपरेशन थिएटर, प्रसूति और सभी आपातकालीन सेवाएं सामान्य रूप से चलती रहेंगी। एसोसिएशन का कहना है कि एसएमओ के पदों पर डायरेक्ट भर्ती से वरिष्ठता और प्रमोशन के अवसर प्रभावित होंगे। वहीं, संशोधित ACP फाइल अब भी वित्त विभाग में लंबित पड़ी है, जिस पर डॉक्टरों ने नाराजगी जताई है।
30 नवंबर को सेवाएं पूरी तरह बंद करने की चेतावनी
HCMS के अध्यक्ष डॉ. राजेश ख्यालिया ने कहा कि यदि सरकार ने समय रहते कोई ठोस निर्णय नहीं लिया तो 30 नवंबर को प्रस्तावित बैठक में राज्यभर की सभी स्वास्थ्य सेवाएं–ओपीडी, इमरजेंसी और पोस्टमार्टम—पूरी तरह बंद करने का फैसला लिया जा सकता है। उन्होंने दावा किया कि पैरामेडिकल स्टाफ भी इस आंदोलन में शामिल होने को तैयार है।
सरकार ने किए पुख्ता इंतजाम, 400 अतिरिक्त डॉक्टरों की तैनाती
डॉक्टरों की हड़ताल के बीच राज्य सरकार ने मरीजों को परेशानी से बचाने के लिए अतिरिक्त व्यवस्था की है। स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने सभी सिविल सर्जन और पीएमओ को निर्देश दिए हैं कि:
- ओपीडी और इमरजेंसी सेवाएं बाधित नहीं होनी चाहिए
- जरूरत पड़ने पर कॉन्ट्रैक्ट मेडिकल ऑफिसर और सभी कंसल्टेंट की ड्यूटी लगाई जाए
- आरबीएसके के लगभग 400 डॉक्टरों को ओपीडी में तैनात कर दिया गया है
विभाग का कहना है कि हड़ताल के बावजूद अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं।