चंडीगढ़। खडूर साहिब से सांसद और एनएसए के तहत असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद अमृतपाल सिंह की पैरोल याचिका पर पंजाब सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। सरकार ने स्पष्ट रूप से कहा है कि मौजूदा परिस्थितियों में अमृतपाल सिंह को पैरोल नहीं दी जा सकती, क्योंकि इससे राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर असर पड़ सकता है।
सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर लिया गया निर्णय
सरकारी सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियों ने आशंका जताई थी कि यदि अमृतपाल सिंह को अस्थायी रिहाई दी गई, तो राज्य में सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो सकती है और तनाव की स्थिति पैदा हो सकती है। इसी रिपोर्ट के आधार पर पंजाब सरकार ने पैरोल अर्जी खारिज कर दी।
संसद सत्र में शामिल होने के लिए मांगी थी अनुमति
गौरतलब है कि अमृतपाल सिंह ने 21 नवंबर को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने 1 से 19 दिसंबर तक चलने वाले संसद के शीतकालीन सत्र में भाग लेने की अनुमति मांगी थी। हाईकोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई के दौरान पंजाब के गृह सचिव और अमृतसर के डिप्टी कमिश्नर को एक सप्ताह के भीतर निर्णय लेने का निर्देश दिया था।
सरकार ने दी अदालत को जानकारी
इन निर्देशों के बाद पंजाब सरकार ने औपचारिक रूप से अदालत को सूचित किया कि वर्तमान सुरक्षा परिदृश्य को देखते हुए अमृतपाल सिंह को पैरोल देना उचित नहीं है। सरकार का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और पैरोल देने से स्थिति बिगड़ने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।