नई दिल्ली | तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने सोमवार को एक अहम घोषणा करते हुए कहा कि राज्य अब अपने पड़ोसी राज्यों के बजाय एशियाई आर्थिक महाशक्तियों से प्रतिस्पर्धा करेगा। उन्होंने “तेलंगाना राइजिंग 2047” विजन डॉक्यूमेंट लॉन्च किया, जिसका उद्देश्य 2047 तक राज्य की अर्थव्यवस्था को 3 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाना है।
रेड्डी ने स्पष्ट किया कि तेलंगाना के मुख्य आर्थिक प्रतिद्वंदी चीन, जापान, सिंगापुर और दक्षिण कोरिया हैं, न कि आंध्र प्रदेश या तमिलनाडु। उन्होंने कहा, “हम भविष्य में बड़े पैमाने पर विदेशी निवेश (FDI) लाकर तेलंगाना को एशिया की शीर्ष इकॉनमिक हब बनाने की दिशा में काम करेंगे।”
‘तेलंगाना राइजिंग 2047’ के तीन मुख्य क्षेत्र
इस विजन डॉक्यूमेंट में तीन प्रमुख आर्थिक क्षेत्र निर्धारित किए गए हैं:
- CURE (Core Urban Region Economy): इस क्षेत्र को सर्विस सेक्टर का हब बनाया जाएगा। प्रदूषण फैलाने वाली उद्योगों को मुख्य शहरों से बाहर स्थानांतरित करने का प्लान है।
- PURE (Pery Urban Region Economy): बाहरी रिंग रोड और प्रस्तावित 360 किमी के रिंग रोड क्षेत्र में बड़ा आर्थिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा। इसमें भारत फ्यूचर सिटी, ग्रीनफील्ड हाईवे, बुलेट ट्रेन नेटवर्क और मछलीपट्टनम पोर्ट के बेहतर कनेक्शन शामिल हैं।
- RARE (Rural Agriculture Regional Economy): ग्रामीण और कृषि क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित करते हुए किसानों को राज्य की आर्थिक वृद्धि में सक्रिय भागीदार बनाया जाएगा।
रेड्डी ने कहा कि यह डॉक्यूमेंट नीति आयोग और आईएसबी जैसी संस्थाओं की मदद से तैयार किया गया है और इसे राज्यवासियों को पार्टनर के रूप में शामिल करते हुए तैयार किया गया है। यह योजना तेलंगाना को 2047 तक वैश्विक आर्थिक मानचित्र पर शीर्ष स्थान दिलाने की दिशा में एक ब्लूप्रिंट साबित होगी।
विजन डॉक्यूमेंट का आधिकारिक लॉन्च 8 और 9 दिसंबर को फ्यूचर सिटी में होने वाले ग्लोबल समिट में किया जाएगा, जिसमें दुनिया के शीर्ष नेता और निवेशक शामिल होंगे।