Mandi, Dharamveer-:विश्वकप जीतकर लौटी भारत की महिला कबड्डी टीम की वीरांगना और मंडी जिले के पिपलागलू गांव की बेटी भावना ठाकुर का सोमवार को घर पहुंचने पर अभूतपूर्व स्वागत किया गया। लंबे इंतज़ार के बाद जब भावना मंडी पहुंचीं तो सेरी मंच से लेकर पूरे शहर में लोगों ने उन्हें कंधों पर उठाया और जमकर जयकारे लगाए। मंडी जिला कबड्डी संघ द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, खिलाड़ी और युवा मौजूद रहे। सभी ने अपनी इस प्रतिभाशाली बेटी पर गर्व करते हुए शॉल, टोपी, नोटों की माला और तलवार भेंट कर उनका सम्मान किया।
भावना ठाकुर ने अपने संबोधन में कहा कि विश्वकप जीतना उनके लिए बेहद बड़े गौरव और भावनात्मक पल जैसा है। उन्होंने इसे पूरी टीम की कड़ी मेहनत और सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि कई वर्षों बाद आयोजित हुए विश्वकप में स्वर्ण जीतना किसी सपने के पूरे होने जैसा है। हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि अब तक सरकारी स्तर पर खिलाड़ियों के लिए किसी प्रकार की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि सरकार कबड्डी खिलाड़ियों के सम्मान और प्रोत्साहन पर भी ध्यान देगी। भावना का अगला लक्ष्य 2026 एशियन गेम्स में भारत के लिए एक और स्वर्ण पदक जीतना है।
मंडी जिला कबड्डी एसोसिएशन के अध्यक्ष श्याम लाल ठाकुर और सचिव नेत्र सिंह ठाकुर सहित अन्य पदाधिकारियों ने सरकारों से यह मांग उठाई कि विश्व स्तर पर देश को सम्मान दिलाने वाले कबड्डी खिलाड़ियों को भी क्रिकेटरों की तरह प्रोत्साहन राशि और सरकारी नौकरियां दी जाएं। उनका कहना है कि देश का नाम रोशन करने के लिए खेल कोई भी हो, खिलाड़ियों को समान दर्जा और सुविधाएं मिलनी चाहिए।कार्यक्रम में लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि जब क्रिकेटरों पर सरकार करोड़ों रुपये बरसा सकती है, तो कबड्डी जैसे देशी खेलों के अंतरराष्ट्रीय विजेताओं के लिए उदासीनता क्यों दिखाई जा रही है। सभी ने एक स्वर में कहा कि खेलों को बराबरी का सम्मान मिले तभी भारत हर क्षेत्र में शीर्ष पर पहुंच सकेगा।