चंडीगढ़ | चंडीगढ़ में हरियाणा विधानसभा के नए भवन के लिए जमीन न देने के फैसले को लेकर कांग्रेस ने केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। पूर्व मंत्री और थानेसर से कांग्रेस विधायक अशोक अरोड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को जल्द सर्वदलीय बैठक बुलाकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और हरियाणा की मांग के लिए फंड का आग्रह करना चाहिए।
हरियाणा की राजधानी में खुद का भवन नहीं बनाना सवालों के घेरे में
अरोड़ा ने कहा कि चंडीगढ़ हरियाणा और पंजाब की संयुक्त राजधानी है, जिसमें दोनों प्रदेशों का हिस्सा 60-40 का है। उनके अनुसार यह हैरानी की बात है कि हरियाणा अपनी ही राजधानी में नया विधानसभा भवन नहीं बना सकता।
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार का यह फैसला न केवल हरियाणा के हितों के खिलाफ है, बल्कि प्रदेश की ढाई करोड़ जनता का अपमान भी है। उनका कहना है कि यह फैसला पंजाब में चुनावी समीकरणों को देखते हुए लिया गया, जो सरासर गलत है।
मुख्यमंत्री को करनी चाहिए सक्रिय भूमिका
अरोड़ा ने जोर देकर कहा कि मुख्यमंत्री को जल्द सर्वदलीय बैठक बुलाकर चंडीगढ़ पर हरियाणा के अधिकारों की स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि एसवाईएल के पानी का मामला हरियाणा के पक्ष में फैसला आने के बावजूद पंजाब ने पानी देना बंद रखा है और केंद्र सरकार ने अभी तक इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
हरियाणा के हक की रक्षा जरूरी
अरोड़ा ने चेताया कि एसवाईएल और नए विधानसभा भवन पर हरियाणा का पूरा हक है, लेकिन उसे हकों से वंचित रखा जा रहा है। उनका कहना है कि चुनावी लाभ के लिए हरिया