Dharamshala, Rahul-:धर्मशाला में छात्र आंदोलन एक बार फिर तेज़ हो गया है।जोरावर स्टेडियम में हुए प्रदर्शन के दौरान अभाविप कार्यकर्ताओं पर कथित पुलिस बल प्रयोग के बाद माहौल गर्मा गया है। गुरुवार को सिद्धबाड़ी में आयोजित प्रेसवार्ता में अभाविप ने सरकार और पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि छात्रों की जायज़ आवाज़ दबाने की कोशिश की जा रही है।
एबीवीपी नेताओं ने कहा कि 11 सूत्रीय मांगों को लेकर लंबे समय से शांतिपूर्वक आंदोलन चल रहा है, लेकिन सरकार समाधान के बजाय टालमटोल और दमन का रास्ता अपना रही है। उनका कहना है कि कॉलेजों में स्थाई स्टाफ की नियुक्ति, छात्रावास सुविधाओं का सुधार, शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और अन्य संरचनात्मक बदलावों की मांगें लंबे अरसे से उठाई जा रही हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
प्रदेश मंत्री नैंसी अटल ने आरोप लगाया कि जोरावर स्टेडियम में शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने अनावश्यक बल प्रयोग किया, जिससे कई छात्र-छात्राओं को चोटें आईं। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों की मांगें सुनने के बजाय घबराहट में प्रतिक्रिया दे रही है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उनका कहना है कि जब तक मांगों को स्वीकार नहीं किया जाता, आंदोलन और व्यापक स्तर पर चलाया जाएगा।प्रदेश सह संयोजक राहुल ठाकुर ने भी पुलिस कार्रवाई को अमानवीय बताते हुए कहा कि महिला छात्रों को घसीटना और युवाओं के साथ अभद्रता किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने इसे हिमाचल में बेटियों की सुरक्षा पर सीधे सवाल खड़ा करने वाली स्थिति बताया।एबीवीपी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 11 सूत्रीय मांगों पर जल्द समाधान नहीं हुआ और पुलिस प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को राज्यभर में विस्तार दिया जाएगा। अब सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि सरकार इन आरोपों और बढ़ते छात्र आक्रोश को लेकर क्या कदम उठाती है।