चंडीगढ़। हरियाणा में आंगनबाड़ी, आशा और मिड-डे-मील वर्कर्स छह से आठ दिसंबर तक केंद्रीय मंत्रियों और भाजपा सांसदों के कार्यालयों पर तीन दिवसीय आंदोलन चलाएंगे। स्कीम वर्कर्स अपनी मांगों के समर्थन में धरना देंगे और ज्ञापन सौंपेंगे। यूनियन नेताओं के अनुसार प्रदर्शन राष्ट्रीय फेडरेशनों के आह्वान पर हो रहा है।
निर्धारित कार्यक्रम के तहत 6 दिसंबर को आंगनबाड़ी वर्कर्स व हेल्पर्स, 7 दिसंबर को मिड-डे-मील कर्मचारी और 8 दिसंबर को आशा वर्कर्स राज्यभर में जिला स्तर पर पड़ाव डालेंगी। विभिन्न जिलों के कर्मचारी करनाल, फरीदाबाद, हिसार और भिवानी स्थित मंत्रियों व सांसदों के कार्यालयों पर एकत्र होंगे।
यूनियनों ने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य सरकारें एक करोड़ से अधिक स्कीम वर्कर्स की लगातार अनदेखी कर रही हैं। लंबे समय से मानदेय नहीं बढ़ाया गया है, जबकि काम का बोझ लगातार बढ़ रहा है। वे मांग कर रहे हैं कि आंगनबाड़ी और आशा वर्कर्स को तीसरे दर्जे का तथा मिड-डे-मील वर्कर्स को चौथे दर्जे का कर्मचारी घोषित किया जाए। साथ ही 26 हजार रुपये न्यूनतम मासिक वेतन, ग्रेच्युटी, पेंशन और अन्य सामाजिक सुरक्षा लाभ सुनिश्चित किए जाएं।
वर्कर्स केंद्र सरकार के नए लेबर कोड्स का विरोध भी दर्ज कराएंगी और इन्हें वापस लेने की मांग करेंगी। यूनियन नेताओं का कहना है कि कम वेतन और असुरक्षित कार्य परिस्थितियों को लेकर कर्मचारियों में व्यापक नाराजगी है।