हिसार में प्रशासन निशाने पर, मेयर बोले हालत बेहद खराब

Karuna
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Summer Express - हिसार में प्रशासन निशाने पर, मेयर बोले हालत बेहद खराब

हिसार  | हिसार में आयोजित ग्रीवांस कमेटी की बैठक के दौरान BJP मेयर प्रवीण पोपली ने अधिकारियों की कार्यशैली पर खुलकर नाराजगी जताई। कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार की मौजूदगी में मेयर ने कहा कि शहर में कई इलाकों में लंबे समय से सीवरेज ओवरफ्लो की समस्या बनी हुई है, लेकिन संबंधित विभाग के अधिकारी बार-बार फोन करने पर भी सुनवाई नहीं करते। उन्होंने कहा कि “हालात इतने खराब हैं कि 20 बार कॉल करने के बाद भी अधिकारी प्रतिक्रिया नहीं देते। जनता के बीच कई बार शर्मिंदगी झेलनी पड़ती है, लेकिन व्यवस्था में सुधार नहीं हो रहा।”

बैठक के दौरान जब महाबीर कॉलोनी में दो वर्षों से जारी सीवरेज जाम की शिकायत सुनी जा रही थी, तभी मेयर पोपली अचानक खड़े हो गए और कहा कि विभाग केवल आश्वासन देता है, लेकिन जमीन पर काम नहीं करता। उन्होंने बताया कि सीवरेज सुधार के टेंडर हाई परचेज कमेटी तक पहुंच चुके हैं, लेकिन मौजूदा समय में भी क्षेत्र का हाल बेहद खराब है। मेयर ने यह भी कहा कि अधिकार‍ियों को कई बार समस्या बताई गई, लेकिन कार्रवाई तभी होती है जब बैठक का दिन नजदीक हो।

मेयर की बात सुनकर बैठक का माहौल तनावपूर्ण हो गया। मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने बीच में हस्तक्षेप करते हुए कहा कि टेंडर प्रक्रिया में समय लगता है, लेकिन नागरिकों को राहत मिलने में देरी नहीं होनी चाहिए। वहीं, एक्सईएन बलकौर ने दावा किया कि समस्या का समाधान कर दिया गया है, जिस पर शिकायतकर्ता ने विरोध जताते हुए कहा कि उन्हें हमेशा सिर्फ आश्वासन ही मिला है, स्पष्ट कार्रवाई नहीं।

मंत्री पंवार ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि टेंडर लगने तक क्षेत्र में नियमित सफाई और पानी निकासी की व्यवस्था जारी रहे। उन्होंने कहा कि वे खुद भी किसी दिन मौके पर जाकर स्थिति का निरीक्षण कर सकते हैं। मंत्री ने शिकायतकर्ता को अपना फोन नंबर देते हुए आश्वासन दिया कि वे सीधे उनसे संपर्क कर सकते हैं।

बैठक में मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने दो अहम मुद्दों पर भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आदमपुर क्षेत्र को उन्होंने स्वयं गोद ले रखा है और विधानसभा सत्र के बाद वहां के अधूरे कार्यों का निरीक्षण करने जाएंगे। वहीं, दूसरी घोषणा में उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने शहरी क्षेत्रों में 20 वर्षों से काबिज लोगों को मालिकाना हक देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत 500 गज तक के मकानों पर मालिकाना अधिकार 2004 के कलेक्टर रेट के आधार पर दिए जाएंगे, बशर्ते जमीन कृषि भूमि, फिरनी या तालाब क्षेत्र में न हो।

मंत्री ने कहा कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लंबे समय से पेंडिंग पड़े सैकड़ों मामलों का निपटारा इस नीति से संभव हो सकेगा। ग्रीवांस कमेटी की बैठक में मंत्री ने कुल 15 शिकायतें सुनीं, जिनमें से 11 का समाधान बैठक में ही कर दिया गया।

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