शिमला । हिमाचल प्रदेश में ड्रग्स, विशेषकर हेरोइन यानी ‘चिट्टा’ के खिलाफ राज्यव्यापी अभियान की शुरुआत होने जा रही है। एनजीओ समूह संजीवनी द्वारा आयोजित इस अभियान का प्रदेश स्तरीय उद्घाटन 7 दिसंबर को हिमाचल प्रदेश के महामहिम राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल करेंगे। अभियान का उद्देश्य राज्य के युवाओं को ड्रग्स के चंगुल से बचाना और ‘चिट्टा मुक्त हिमाचल’ का संदेश जन-जन तक पहुंचाना है।
इस महत्वपूर्ण पहल को समर्थन देते हुए प्रसिद्ध बॉलीवुड अभिनेता कृष्णा अभिषेक, जो स्वयं हिमाचल प्रदेश से संबंध रखते हैं, ने वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि वह अपने गृह राज्य के साथ मजबूती से खड़े हैं और संजीवनी एनजीओ द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान का पूरी तरह समर्थन करते हैं। अभिषेक ने संजीवनी के अध्यक्ष महेंद्र धर्मानी, कैप्टन अतुल शर्मा और सभी स्वयंसेवकों को उनके निस्वार्थ प्रयासों के लिए धन्यवाद दिया।
संजीवनी एनजीओ, हिमाचल प्रदेश में 16 से अधिक स्वयंसेवी संगठनों का समूह है, जो सामूहिक रूप से चिट्टा ड्रग को जड़ से समाप्त करने की दिशा में काम कर रहा है। एनजीओ ने राज्य के विभिन्न जिलों में कार्यशालाओं, जन जागरूकता कार्यक्रमों और शैक्षणिक सत्रों के माध्यम से युवाओं और आम जनता को ड्रग्स के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करने की योजना बनाई है।
कृष्णा अभिषेक के समर्थन से इस अभियान को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। उनका मानना है कि युवा पीढ़ी को इस तरह की पहल के माध्यम से सही मार्गदर्शन और जागरूकता देना अत्यंत आवश्यक है।
संजीवनी के महासचिव नरेश शर्मा ने कहा कि अभियान का मुख्य उद्देश्य न केवल लोगों को जानकारी देना है, बल्कि ड्रग्स की समस्या को रोकने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए सामूहिक प्रयास करना भी है।
इस अभियान के जरिए राज्य में ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई को मजबूती मिलेगी और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित बनाने में मदद मिलेगी।