शिमला। संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर की पुण्यतिथि पर महापरिनिर्वाण दिवस के अवसर पर हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें याद किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बाबा साहेब के योगदान और उनके समाज सुधार के कार्यों को याद करते हुए कहा कि आंबेडकर ने वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए जब देश में जातिवाद चरम पर था, तब भी अदम्य साहस और संकल्प के साथ काम किया।
सीएम सुक्खू ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वर्तमान में संविधान और संवैधानिक संस्थाओं पर कई दबाव बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी लगातार इन संस्थाओं को बचाने और संविधान के मूल्यों को संरक्षित करने के लिए काम कर रहे हैं। सुक्खू ने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं पर कुठाराघात की यह स्थिति देश के लोकतंत्र के लिए चुनौतीपूर्ण है।
इस मौके पर हिमाचल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने भी डॉ. आंबेडकर को याद करते हुए कहा कि उनका योगदान अतुलनीय और हमेशा प्रेरणादायक रहेगा। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब का जीवन हमेशा दलितों और पिछड़े वर्गों को सशक्त बनाने का संदेश देता है। साथ ही, विनय कुमार ने अपने प्रदेश अध्यक्ष बनने के अवसर पर कांग्रेस के केंद्रीय आलाकमान और राहुल गांधी का आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने यह भी कहा कि बाबा साहेब आंबेडकर का योगदान न केवल भारत में, बल्कि विदेशों में भी सम्मान के साथ याद किया जाता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे आंबेडकर के आदर्शों और समाज के लिए उनके संघर्ष को हमेशा याद रखें और उसे अपने जीवन में अपनाएं।
महापरिनिर्वाण दिवस हर वर्ष 6 दिसंबर को मनाया जाता है। इस दिन देशभर में डॉ. आंबेडकर की स्मृति में श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित की जाती हैं और उनके सामाजिक एवं संवैधानिक योगदान को याद किया जाता है।