चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 6 दिसंबर को संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस पर उन्हें नमन किया। सीएम ने कहा कि बाबा साहेब की शिक्षाएं हमेशा समाज को प्रेरित करती रहेंगी और समानता, न्याय तथा मानवाधिकारों के प्रति उनका अदम्य संकल्प समाज के मार्ग को प्रकाशमान करता रहेगा।
महापरिनिर्वाण दिवस के अवसर पर सीएम सैनी ने कहा कि डॉ. आंबेडकर ने अपने जीवन में सामाजिक न्याय और समानता के लिए संघर्ष किया और उनके विचार आज भी हर वर्ग के लोगों को दिशा दिखाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आंबेडकर का योगदान केवल संविधान निर्माण तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने समाज के वंचित और हाशिए पर रह रहे लोगों के अधिकारों के लिए भी संघर्ष किया।
इस अवसर पर नायब सिंह सैनी ने कहा कि महापरिनिर्वाण दिवस न केवल डॉ. आंबेडकर की स्मृति में मनाया जाता है, बल्कि यह समाज को उनकी विचारधारा और आदर्शों को अपनाने के लिए प्रेरित करने का अवसर भी है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे आंबेडकर के आदर्शों को अपने जीवन में उतारें और समानता तथा सामाजिक न्याय के मार्ग पर चलें।
महापरिनिर्वाण दिवस हर साल 6 दिसंबर को मनाया जाता है। इस दिन 1956 में डॉ. भीमराव आंबेडकर का निधन हुआ था। देशभर में इस अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिनमें श्रद्धांजलि सभाएं, भाषण और सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल होते हैं। इस साल भी हरियाणा सहित कई राज्यों में डॉ. आंबेडकर के योगदान को याद करते हुए उन्हें सम्मान दिया गया।
सीएम नायब सिंह सैनी ने इस मौके पर सभी से आग्रह किया कि वे डॉ. आंबेडकर के आदर्शों और उनके संघर्ष को जीवन में उतारें। उन्होंने कहा कि आंबेडकर का संदेश आज भी प्रासंगिक है और समाज में समानता और मानवाधिकारों के लिए उनका आदर्श मार्गदर्शन करता रहेगा।