Shimla, 7 December-: हिमाचल प्रदेश में सर्दी अपने चरम की ओर बढ़ रही है और पहाड़ी इलाकों में ठंडक ने पूरी तरह दस्तक दे दी है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला की ताज़ा भविष्यवाणी के अनुसार, राज्य के उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में जल्द ही हल्की बर्फबारी और बारिश होने की संभावना है। वहीं, बिलासपुर, मंडी, हमीरपुर और कांगड़ा जैसे मैदानी क्षेत्रों में घने कोहरे की चेतावनी जारी की गई है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
शिमला, मनाली, नारकंडा, कुफरी समेत ऊंचाई वाले अधिकांश पर्यटन स्थलों में तापमान लगातार गिर रहा है। सुबह और शाम के समय पारा अचानक नीचे गिरने से कई स्थानों पर रास्तों में जमा पानी बर्फ बनने लगा है। इससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
मैदानी इलाकों में कोहरे का असर, यातायात में बाधा की आशंका
ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा और मंडी जिलों में दृश्यता बेहद कम होने की संभावना जताई गई है। घने कोहरे के चलते सुबह व देर रात सड़क परिवहन सबसे ज्यादा प्रभावित होगा। वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, क्योंकि कोहरा अचानक छा सकता है और दृश्यता कुछ मीटर तक सीमित हो सकती है। इससे स्कूल, ऑफिस व ज़रूरी सेवाओं के लिए सफर करने वाले लोगों को देरी और जोखिम का सामना करना पड़ सकता है।
अगले सप्ताह मौसम रहेगा शुष्क
मौसम विभाग के मुताबिक सोमवार से शुरू होकर अगले सात दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम साफ और शुष्क रहेगा। हाल ही में कुल्लू और लाहौल घाटी में बादल छाए रहे थे, लेकिन मौसम खुलने के बाद पूरे दिन धूप खिली दिखाई दी। वहीं, एक अहम अपडेट के अनुसार मनाली-लेह मार्ग को 7 दिसंबर के बाद रणनीतिक कारणों से बंद कर दिया जाएगा, जिससे यात्रियों को यात्रा की योजना समय रहते बदलनी होगी।
तापमान शून्य से नीचे, कई स्थानों पर कड़ाके की ठंड
लाहौल घाटी और कुकुमसेरी इस समय प्रदेश के सबसे ठंडे क्षेत्र बने हुए हैं, जहां न्यूनतम तापमान शून्य से काफी नीचे दर्ज हो रहा है। कल्पा, ताबो और रिकांगपियो में भी पारा जमाव बिंदु के करीब पहुँच चुका है। ऐसी स्थिति में स्थानीय निवासियों को अत्यधिक ठंड से बचाव के लिए विशेष एहतियात बरतने की सलाह दी गई है।कुल मिलाकर हिमाचल में अगले दिनों में बर्फबारी का आनंद तो मिलेगा, लेकिन मैदानी क्षेत्रों में कोहरे का प्रकोप लोगों की दिनचर्या में बाधाएं खड़ी कर सकता है।