अमृतसर | पूर्व अकाली नेता विरसा सिंह वल्टोहा को श्री अकाल तख्त साहिब में पांच सिंह साहिबानों की सभा के बाद तनखाहिया घोषित किया गया है। यह निर्णय वल्टोहा द्वारा अक्टूबर 2024 में पंथ के उच्च पदाधिकारियों के खिलाफ की गई अनुचित भाषा के आरोपों के मद्देनजर लिया गया।
श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार गियानी कुलदीप सिंह ने सभा में कहा कि क्या वल्टोहा अपनी गलती स्वीकार करते हैं। वल्टोहा ने अपनी गलती मानते हुए माफी मांगी। इसके बाद जत्थेदार ने उन्हें तनखाहिया घोषित करते हुए विशेष सेवा के आदेश दिए।
निर्णय के अनुसार, वल्टोहा को:
- एक घंटे श्री हरमंदिर साहिब के लंगर हॉल में झूठे बर्तन धोने और संगत के जूते साफ करने होंगे।
- दो दिन तक तरनतारन साहिब के लंगर हॉल में सेवा करनी होगी, जिसमें झूठे बर्तन धोना और जूते साफ करना शामिल है।
- एक दिन श्री केसगढ़ साहिब में एक घंटे लंगर सेवा करनी होगी और जूते साफ करना होगा।
- इसके अलावा, 11 दिनों तक दैनिक रूटीन के अलावा चौपाई साहिब और राम कली की वार का पाठ करना होगा।
सेवा पूरी होने के बाद वल्टोहा 1100 रुपये का कड़ाह प्रसाद करवाएंगे और 1100 रुपये गुरु की गोलक में डालकर माफी की प्रार्थना करेंगे।
इस बीच, जत्थेदारों ने वल्टोहा पर 10 साल की रोक भी हटा दी है, जिससे अब वह धार्मिक गतिविधियों में पूरी तरह शामिल हो सकेंगे। यह फैसला पंथ के अनुशासन और सेवा की भावना को बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है।