Chamba, Manjur Pathan-:हिमाचल प्रदेश के वन्य जीवन इतिहास में एक रोमांचक खोज दर्ज हुई है। जिला चंबा के भरमौर उपमंडल के तुंदाह क्षेत्र के घने जंगलों में एक अत्यंत दुर्लभ सफेद रीसस मकाक (बंदर) देखा गया है। यह प्रदेश में इस प्रकार के बंदर का पहला दर्ज मामला माना जा रहा है, जिससे वन्यजीव विशेषज्ञों में उत्साह का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, रविवार को तुंदाह रेंज में तैनात वन रक्षक कुशल कुमार नियमित गश्त पर थे। अचानक उनकी नजर बंदरों के एक समूह पर पड़ी, जिसमें एक मादा बंदर की पीठ पर बैठे बच्चे का रंग पूरी तरह सफेद था। यह दृश्य इतना अनोखा था कि उन्होंने तुरंत अपने कैमरे में इस दुर्लभ क्षण को कैद कर लिया।वन्यजीव विशेषज्ञों ने बताया कि यह कोई नई प्रजाति नहीं, बल्कि सामान्य रीसस मकाक ही है, जो ‘एल्बिनिज्म’ नामक आनुवंशिक स्थिति से प्रभावित है। इस स्थिति में शरीर में मेलेनिन नामक रंगद्रव्य का निर्माण बहुत कम या नहीं के बराबर होता है, जिसके कारण त्वचा, बाल और आंखें सफेद दिखाई देती हैं।
गौरतलब है कि भारत में ऐसा सफेद रीसस मकाक इससे पहले केवल 2022 में असम में देखा गया था। तुंदाह जंगल में इसका पाया जाना हिमाचल की जैव विविधता और पारिस्थितिकी संतुलन के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि जंगलों में एल्बिनो जीव का दिखना अत्यंत दुर्लभ घटना है, जो कई दशकों में एक बार ही देखने को मिलती है।वन विभाग ने अब इस क्षेत्र में विशेष निगरानी और सुरक्षा बढ़ा दी है ताकि इस अद्वितीय जीव को किसी तरह का नुकसान न पहुंचे। वन रक्षक कुशल कुमार ने बताया कि विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई है और बंदर की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। इसके साथ ही इस दुर्लभ घटना पर जल्द ही एक डॉक्यूमेंट्री भी तैयार की जाएगी, ताकि लोगों को वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूक किया जा सके।