चंडीगढ़।आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया इंचार्ज अनुराग ढांडा ने मंगलवार को चंडीगढ़ प्रेस क्लब में प्रेस वार्ता करते हुए हरियाणा की बीजेपी सरकार पर राज्य की भर्ती प्रणाली को पूरी तरह अव्यवस्थित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जहां पड़ोसी पंजाब सरकार 2022 से अब तक 60 हजार से अधिक युवाओं को बिना किसी विवाद, कोर्ट केस या पेपर लीक के सरकारी नौकरी दे चुकी है, वहीं हरियाणा के युवा रोजगार को लेकर लगातार असमंजस की स्थिति में हैं।
ढांडा के मुताबिक हरियाणा सरकार 2 लाख नौकरियां देने का दावा करती है, लेकिन हकीकत में सिर्फ 1 लाख 20 हजार पदों पर ही नियुक्तियां हो सकीं। इनमें से लगभग 25 हजार उम्मीदवार ग्रुप डी से ग्रुप सी में चयनित होकर चले गए, जिससे फिर से बड़ी संख्या में पद खाली रह गए। उन्होंने कहा कि सरकार सिर्फ आंकड़ों का खेल दिखा रही है, जबकि रोजगार देने की नीयत कमजोर है। साथ ही लगभग 20 से 25 हजार पद विभिन्न विभागों में कोर्ट केस के कारण अटके हुए हैं। पिछले 11 वर्षों में करीब 50 हजार कर्मचारी रिटायर हुए, लेकिन नई भर्तियों का ग्राफ लगातार गिरा और वास्तव में केवल 20 से 25 हजार युवाओं को ही रोजगार मिल पाया।
ढांडा ने असिस्टेंट प्रोफेसर इंग्लिश की हालिया भर्ती का उदाहरण देते हुए कहा कि 613 पदों के लिए परीक्षा हुई, लेकिन मात्र 151 उम्मीदवार ही पास घोषित किए गए। यह स्थिति तब है जब हरियाणा के कई युवा NET–JRF टॉपर, गोल्ड मेडलिस्ट और प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्यरत हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि HPSC ने राज्य के टैलेंट को जानबूझकर 35% तक अंक नहीं दिए, जिससे भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता और आयोग की नीयत दोनों पर सवाल उठते हैं। कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में 3000 से ज्यादा पद खाली हैं, लेकिन सरकार लंबे इंतजार के बाद भर्ती निकालती है और फिर भी आधे से अधिक पद रिक्त छोड़ देती है।
AAP नेता ने कहा कि हरियाणा में भर्तियों को लेकर ऐसी उलझन पैदा कर दी गई है कि योग्य युवा परीक्षा पास करने के बाद भी अपने भविष्य को लेकर सुनिश्चित नहीं होते। सरकार कई महत्वपूर्ण भर्तियों में जानबूझकर ऐसी खामियां छोड़ती है कि वे कोर्ट में फंस जाएं और नियुक्तियां महीनों–सालों तक लटकी रहें। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार बाहरी राज्यों के उम्मीदवारों को बिना डोमिसाइल आवेदन की अनुमति दे रही है और परीक्षाओं से हरियाणा जीके हटा रही है, जिससे स्पष्ट होता है कि हरियाणा के युवाओं को पीछे धकेलकर बाहरी अभ्यर्थियों को फायदा पहुंचाया जा रहा है।
ढांडा ने दावा किया कि बीजेपी सरकार CET ग्रुप सी मुख्य परीक्षा के क्वालीफाइंग डेटा को छिपा रही है ताकि सरकारी नौकरियों में “अनियमितताओं” पर से पर्दा न उठ सके। उन्होंने सरकार को चुनौती देते हुए पूछा कि आखिर कितने अभ्यर्थियों ने CET ग्रुप सी की मुख्य परीक्षा पास की है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में ईमानदार है, तो तुरंत यह जानकारी सार्वजनिक करे।
अंत में उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को चेतावनी दी कि अब हरियाणा का युवा अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाएगा और प्रदेश में फैले भ्रष्ट रोजगार तंत्र के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ेगा।