चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने प्रदेश में अवैध खनन पर लगाम लगाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए रेशनलाइजेशन (युक्तीकरण) आयोग की सिफारिश को मंजूरी दे दी है। निर्णय के तहत खनन एवं भू-विज्ञान विभाग में स्वीकृत पदों की संख्या 632 से बढ़ाकर 890 कर दी जाएगी। यह फैसला मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया।
रेशनलाइजेशन आयोग, जिसकी अगुवाई राजन गुप्ता कर रहे हैं, ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि खनन विभाग की कार्यप्रणाली को सुचारू और प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न श्रेणियों में कम से कम 848 पदों की आवश्यकता है। इसके अतिरिक्त विभाग की अन्य जरूरतों को ध्यान में रखते हुए 42 नए पदों की और स्वीकृति दी गई है, जिससे कुल पदों की संख्या बढ़कर 890 हो गई।
सरकार का मानना है कि अवैध खनन रोकने, निगरानी बढ़ाने और विभागीय कार्यों की गति तेज करने के लिए जनशक्ति में यह बढ़ोतरी बेहद जरूरी है। नए पद भरने से निरीक्षण, रीयल-टाइम मॉनिटरिंग और खनन गतिविधियों पर नियंत्रण को मजबूती मिलेगी।
रोहतक एग्रो मॉल अलॉटियों को बड़ी राहत
कैबिनेट बैठक में रोहतक के एग्रो मॉल से जुड़े अलॉटियों को भी बड़ी राहत दी गई है। रोहतक सेक्टर-14 स्थित 38 कनाल 15 मरला में विकसित एग्रो मॉल में कुल 282 दुकानें हैं, जिनमें से 78 दुकानें पहले ही अलॉट की जा चुकी हैं।
सरकार ने निर्णय लिया है कि—
- जो अलॉटी दुकान नहीं रखना चाहते, उन्हें उनकी जमा राशि 7% वार्षिक ब्याज़ के साथ वापस की जाएगी।
- जो अलॉटी दुकान रखना चाहते हैं, उन्हें बोर्ड की पुरानी स्कीम विवादों का समाधान-II के तहत बकाया राशि जमा कराने की अनुमति दी जाएगी।
यह निर्णय एग्रो मॉल पंचकूला की तर्ज पर लिया गया है, ताकि रोहतक के अलॉटियों को समान राहत मिल सके।