अमृतसर। कांग्रेस से सस्पेंड होने के बाद नवजोत कौर सिद्धू ने अपना तीखा रिएक्शन व्यक्त किया। रिपोर्टर्स से बात करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी बातचीत सीधे पार्टी की टॉप लीडरशिप से हो रही है और उन्हें नोटिस किसने भेजा, इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता।
नवजोत कौर सिद्धू ने ऐलान किया कि वह हर हाल में 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव में सरकार बनाने का लक्ष्य रखती हैं। जब उनसे पूछा गया कि क्या यह कांग्रेस के भीतर रहकर संभव होगा, तो उन्होंने फिलहाल इस पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
सिद्धू ने कहा कि कैंसर-फ्री होने के बाद वह लगातार लोगों के बीच रह रही हैं और खासकर दलित कम्युनिटी की आवाज़ बनने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस दौरान उन्होंने सीधे राजा वड़िंग पर निशाना साधा और सवाल किया कि बस बॉडी केस में उनका बचाव क्यों किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि वड़िंग पर ढाई हजार एकड़ जमीन से जुड़ा मामला चल रहा है।
नवजोत कौर सिद्धू ने आम आदमी पार्टी पर भी टिप्पणी की और कहा कि उन्होंने डेढ़ साल तक उन्हें मना किया, लेकिन नवजोत सिंह सिद्धू ने मुख्यमंत्री बनने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। उन्होंने जोर देकर कहा कि कांग्रेस की 70 प्रतिशत लीडरशिप, जीते हुए MLA और वर्कर उनके समर्थन में हैं।
सिद्धू ने यह भी स्पष्ट किया कि नोटिस उनके लिए नया मामला नहीं है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि राणा गुरजीत को भी ऐसे नोटिस मिले और सुखी रंधावा ने राजस्थान में पैसे लेकर टिकट बांटे। उन्होंने अंत में कहा कि यह नोटिस उनकी बातों और कार्यशैली को प्रभावित नहीं करेगा और वह जल्द ही अपनी अगली रणनीति मीडिया के सामने पेश करेंगी।