हिसार। हरियाणा में दिसंबर माह के दौरान अब तक छह कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो चुके हैं, जिनकी वजह से प्रदेश में कड़ाके की ठंड अभी तक नहीं पड़ी है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, जैसे ही कोई अधिक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत में प्रवेश करेगा, उत्तर-पश्चिमी हवाएं तेज होंगी और प्रदेश के कई हिस्सों में शीतलहर व पाला जमने की स्थिति बन सकती है।
पर्वतीय क्षेत्रों में इस दौरान बर्फबारी होने की संभावना है। पिछले पांच दिनों में दो कमजोर पश्चिमी विक्षोभ गुजर चुके हैं, जिनसे दिन और रात के तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। सोमवार को प्रदेश के अधिकांश जिलों में न्यूनतम तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी दर्ज की गई।
हिसार और नारनौल में बढ़ा न्यूनतम तापमान
हिसार का न्यूनतम तापमान 1.1 डिग्री बढ़कर 7.3°C रिकॉर्ड किया गया, जबकि नारनौल का तापमान बढ़कर 5.4°C पर पहुंच गया। रोहतक, अंबाला, सिरसा और करनाल में भी तापमान में वृद्धि देखी गई।
मौसम विज्ञानी डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि उत्तरी हवाएं चलने पर ठंड बढ़ती है, जबकि दक्षिण-पूर्वी और दक्षिण-पश्चिमी हवाएं गर्मी का एहसास बढ़ाती हैं। लगातार सक्रिय हो रहे कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के कारण तापमान में बढ़ोतरी के साथ मौसम अस्थिर बना हुआ है।
उन्होंने कहा कि 14 दिसंबर तक प्रदेश में मौसम के शुष्क रहने की संभावना है। 9 से 11 दिसंबर के बीच उत्तर एवं उत्तर-पश्चिमी हवाएं हल्की गति से चलेंगी, जिससे रात के तापमान में हल्की गिरावट आ सकती है, हालांकि दिन के तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी संभावित है। 12 दिसंबर से एक और पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव के चलते 14 दिसंबर तक आंशिक बादल बरकरार रह सकते हैं।
रात के तापमान में आएगी हल्की गिरावट
मौसम वैज्ञानिकों ने अनुमान लगाया है कि आने वाले दिनों में रात के तापमान में मामूली गिरावट और दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है। हवाओं की दिशा और गति में बार-बार बदलाव होने से वातावरण में नमी बढ़ेगी, जिसके कारण कुछ स्थानों पर सुबह के समय हल्की से मध्यम धुंध छाने की संभावना है।