जालंधर I जालंधर के सिविल अस्पताल में ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां जालसाजों ने खुद को सरकारी डॉक्टर बताकर सर्जिकल सामान हासिल कर लिया और फरार हो गए। सिविल अस्पताल के इतिहास में यह संभवतः पहला मामला है, जब किसी ने डॉक्टर की फर्जी पहचान के जरिए अस्पताल के नाम पर सर्जिकल सामग्री मंगवाई और उसे लेकर रफूचक्कर हो गया।
पीड़ित अर्शप्रीत सिंह, पुत्र हरप्रीत सिंह, निवासी ग्रीनवुड एवेन्यू ने इस संबंध में पुलिस अधिकारियों को लिखित शिकायत दी है। अर्शप्रीत सिंह ने बताया कि वह सनराइज हेल्थ केयर में मैनेजर के पद पर कार्यरत है। उनके मोबाइल फोन पर पिछले शनिवार को एक अज्ञात नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को सिविल अस्पताल में तैनात डॉक्टर तुषार जिंदल बताया और सर्जिकल सामान की तत्काल जरूरत होने की बात कही। आरोपी ने उसे बिल सहित सामान लेकर स्वयं सिविल अस्पताल आने को कहा।
पीड़ित के अनुसार, रविवार को वह सर्जिकल सामान लेकर सिविल अस्पताल पहुंचा। वहां एक युवक उससे मिला, जिसने कथित डॉक्टर के कहने पर सर्जिकल सामग्री अपने कब्जे में ले ली। इसके बाद फोन करने वाले व्यक्ति ने दोबारा कॉल कर उसे अस्पताल के अंदर कमरा नंबर 201 में स्थित हेड ऑफ डिपार्टमेंट के कार्यालय में बिल लेकर आने को कहा।
सामान लेने वाले युवक ने भुगतान के तौर पर एक निजी बैंक का चेक दिया, जिसकी राशि 52,891 रुपये थी। जब पीड़ित चेक लेकर अस्पताल परिसर के भीतर गया, तो कथित डॉक्टर का मोबाइल फोन बंद मिला। बाद में जब उसने अस्पताल प्रशासन से जानकारी ली, तो पता चला कि सिविल अस्पताल में तुषार जिंदल नाम का कोई भी डॉक्टर तैनात नहीं है।
घटना के बाद पीड़ित ने सिविल अस्पताल के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज निकलवाई, जिसमें सर्जिकल सामान लेने वाला युवक मोटरसाइकिल पर सवार होकर जाते हुए नजर आ रहा है। उक्त फुटेज की तस्वीरें पुलिस को सौंप दी गई हैं। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है और ठगों की तलाश की जा रही है।