जालंधर। महानगर जालंधर में वायु गुणवत्ता लगातार खराब होती जा रही है। रविवार को शहर का अधिकतम एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 330 दर्ज किया गया, जो खतरनाक श्रेणी में आता है। मौसम विभाग और विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में धुंध बढ़ने से प्रदूषण का स्तर और बढ़ सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि आमतौर पर बारिश के बाद वायु गुणवत्ता में सुधार देखने को मिलता है, लेकिन फिलहाल जालंधर और आसपास के इलाकों में बारिश की संभावना बेहद कम है। ऐसे में अगले कुछ दिनों तक लोगों को प्रदूषित हवा का सामना करना पड़ सकता है। इस स्थिति को देखते हुए नागरिकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
पहाड़ी इलाकों में हो रही बर्फबारी का असर अब पंजाब सहित पड़ोसी राज्यों में भी साफ नजर आने लगा है। मौसम विज्ञान विभाग के चंडीगढ़ केंद्र के अनुसार, पंजाब का न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है, जिससे आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ने की संभावना है। रविवार रात जालंधर का न्यूनतम तापमान भी इसी के आसपास दर्ज किया गया। यदि धूप नहीं निकली तो अगले एक-दो दिनों में तापमान में 2 डिग्री सेल्सियस तक और गिरावट आ सकती है।
मौसम विभाग ने धुंध की आशंका को देखते हुए 15 दिसंबर के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस समय हवा में मौजूद प्रदूषक तत्व फेफड़ों में जाकर उनके कार्य को प्रभावित करते हैं, जिससे सांस संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
धुंध और प्रदूषण का दोहरा असर
सुबह की ठंडी हवाओं के साथ अब धुंध भी छाने लगी है, जिससे सांस लेने में दिक्कत हो सकती है। डॉक्टरों और विशेषज्ञों ने लोगों को मास्क या रूमाल का इस्तेमाल करने और अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। खासतौर पर खांसी, दमा, ब्रोंकाइटिस और अन्य श्वसन रोगों से पीड़ित मरीजों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है।
आंखों पर भी पड़ रहा है असर
बढ़ते प्रदूषण का असर आंखों पर भी देखने को मिल रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदूषित हवा के कारण आंखों की झिल्लियों में जलन, लालिमा और सूजन की समस्या हो सकती है। ऐसे में आंखों से जुड़ी परेशानी झेल रहे लोगों को विशेष ध्यान रखने, चेहरा ढककर बाहर निकलने और चश्मे का उपयोग करने की सलाह दी गई है।