Hamirpur, Arvind-:हमीरपुर जिले में उद्यान विभाग की दूरदर्शी पहल अब किसानों और बागवानों के लिए लाभ का सौदा साबित हो रही है। वर्ष 2020 में उद्यान विभाग द्वारा किसानों को बंजर पड़ी भूमि में मौसमी की खेती के लिए प्रेरित किया गया था। किसानों ने विभाग के मार्गदर्शन में इस योजना को अपनाया और अब इसके सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। वर्ष 2023 से किसानों को मौसमी की फसल से लगातार लाभ मिल रहा है और इस वर्ष जिले में मौसमी की बंपर पैदावार दर्ज की गई है।
उद्यान विभाग के अनुसार, इस बार हमीरपुर जिले में करीब 165 क्विंटल मौसमी का उत्पादन हुआ है। उच्च गुणवत्ता वाली मौसमी की इस पैदावार से किसानों की आमदनी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। खास बात यह है कि किसान मौसमी की खेती के साथ-साथ उसी भूमि पर अन्य फसलों की भी बुआई कर रहे हैं, जिससे उन्हें दोहरी कमाई का अवसर मिल रहा है। जो खेत कभी बंजर पड़े रहते थे, आज वही खेत किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रहे हैं।किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के उद्देश्य से उद्यान विभाग ने रिलायंस कंपनी के साथ टाई-अप किया है। इस समझौते के तहत रिलायंस कंपनी ए और बी ग्रेड की मौसमी की खरीद करेगी, जिससे किसानों और बागवानों को बेहतर दाम मिल सकें। इससे किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए बाजार की चिंता नहीं करनी पड़ेगी और उन्हें घर बैठे ही उचित मूल्य प्राप्त होगा।
हमीरपुर उद्यान विभाग के उप निदेशक राजेश्वर परमार ने बताया कि जिले में मौसमी की फसल ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि जिन किसानों की उपज ए या बी ग्रेड में नहीं आती, उनके फलों की बिक्री के लिए भी विभाग द्वारा वैकल्पिक व्यवस्थाएं की गई हैं, ताकि किसी भी किसान को नुकसान न उठाना पड़े। विभाग का उद्देश्य है कि हर किसान को उसकी मेहनत का पूरा लाभ मिले।उद्यान विभाग की इस पहल से न केवल किसानों की आय बढ़ी है, बल्कि जिले में बागवानी को भी नई पहचान मिली है। आने वाले समय में यह मॉडल अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन सकता है।