नई दिल्ली। बांग्लादेश में हालिया राजनीतिक घटनाक्रम और हिंसा के बाद भारत-बांग्लादेश संबंधों को लेकर उठे सवालों के बीच भारतीय राजदूत प्रणय वर्मा ने बड़ा बयान दिया है। बांग्लादेश द्वारा तलब किए जाने के बाद उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों देशों के रिश्ते अस्थायी नहीं, बल्कि ऐतिहासिक, स्थायी और मजबूत आधार पर टिके हुए हैं।
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के कथित भड़काऊ भाषणों को लेकर बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने भारतीय राजदूत को समन जारी किया था। इसके बाद एक सार्वजनिक कार्यक्रम में बोलते हुए राजदूत प्रणय वर्मा ने कहा कि भारत और बांग्लादेश के संबंध किसी एक घटना से कमजोर नहीं हो सकते। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के रिश्ते साझा इतिहास, संघर्ष और बलिदान से बने हैं।
राजदूत ने कहा कि 1971 के मुक्ति संग्राम के दौरान भारत बांग्लादेश के साथ मजबूती से खड़ा रहा था और लोकतंत्र, शांति, प्रगति तथा समावेशी विकास के मूल्यों के प्रति भारत की प्रतिबद्धता आज भी कायम है। उन्होंने यह भी कहा कि आज दोनों देश तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाएं हैं और द्विपक्षीय सहयोग क्षेत्रीय स्थिरता के लिए बेहद अहम है।
गौरतलब है कि 5 अगस्त 2024 को बांग्लादेश में हुए तख्तापलट के बाद शेख हसीना भारत में रह रही हैं। बांग्लादेश की एक अदालत ने उन्हें हिंसा से जुड़े मामलों में दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। इसी मुद्दे को लेकर बांग्लादेश ने भारत से उनके प्रत्यर्पण की मांग की है। विदेश मंत्रालय का आरोप है कि शेख हसीना भारत से भड़काऊ बयान देकर देश में अशांति फैलाने की कोशिश कर रही हैं।
बता दें कि 16 दिसंबर को बांग्लादेश अपनी आजादी की 54वीं वर्षगांठ ‘विजय दिवस’ के रूप में मनाने जा रहा है। वहीं, देश में 12 फरवरी को आम चुनाव प्रस्तावित हैं, जिन्हें लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। इन हालातों के बीच भारत ने साफ किया है कि वह बांग्लादेश के साथ अपने दीर्घकालिक और मैत्रीपूर्ण संबंधों को मजबूत बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।