नई दिल्ली | भारतीय रुपये से जुड़े नियमों को लेकर पड़ोसी देश नेपाल जल्द ही बड़ा फैसला लागू करने जा रहा है। नेपाल सरकार अब 100 रुपये से अधिक मूल्य के भारतीय नोटों को आधिकारिक तौर पर स्वीकार करने की तैयारी में है। यह बदलाव खास तौर पर भारतीय पर्यटकों, नेपाली प्रवासी कामगारों, छात्रों और दोनों देशों के बीच व्यापारिक गतिविधियों को सीधा प्रभावित करेगा। वर्ष 2016 में भारत की नोटबंदी के बाद नेपाल ने उच्च मूल्य के भारतीय नोटों पर सख्त पाबंदी लगा दी थी, जिसे अब लगभग एक दशक बाद हटाने की दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है।
सीमा पार लेनदेन होगा आसान
नए नियम लागू होने से भारत–नेपाल सीमा पर यात्रा करने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। नकदी लेनदेन, रेमिटेंस और छोटे व्यापारियों को अब पहले जैसी दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा। विशेषज्ञों के अनुसार, इस फैसले से नेपाल के पर्यटन, होटल और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को भी मजबूती मिलेगी, खासकर सीमावर्ती इलाकों, तीर्थ स्थलों और कैसिनो क्षेत्रों में।
जल्द जारी होगा सर्कुलर
नेपाल राष्ट्र बैंक इस फैसले को लागू करने की अंतिम प्रक्रिया में है। बैंक के प्रवक्ता गुरु प्रसाद पौडेल के अनुसार, नेपाल गजट में अधिसूचना प्रकाशित करने की औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। इसके बाद सभी बैंकों और वित्तीय संस्थानों को नए दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। हालांकि, अभी इसकी आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है।
RBI के संशोधन के बाद लिया गया निर्णय
नेपाल का यह कदम भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा विदेशी मुद्रा प्रबंधन और आयात-निर्यात नियमों में हालिया संशोधन के बाद उठाया गया है। नए नियमों के तहत 100 रुपये तक के भारतीय नोट किसी भी मात्रा में सीमा पार ले जाए जा सकते हैं, जबकि 100 रुपये से अधिक मूल्य के नोटों की कुल सीमा 25,000 रुपये तक तय की गई है।
नोटबंदी के बाद लगी थी रोक
गौरतलब है कि 2016 में नोटबंदी के बाद नेपाल ने सुरक्षा कारणों और नकली नोटों की आशंका के चलते बड़े मूल्य के भारतीय नोटों पर रोक लगा दी थी। इससे यात्रियों और कामगारों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती थी। अब नियमों में प्रस्तावित बदलाव से दोनों देशों के बीच आर्थिक गतिविधियां आसान होंगी और आपसी व्यापार व पर्यटन को नया बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।