नई दिल्ली | साल 1995 में खरीदा गया यूनिट ट्रस्ट ऑफ इंडिया (UTI) का एक रिटायरमेंट बॉन्ड इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। रेडिट पर एक यूज़र ने पुराने कागजात छांटते समय मिले इस बॉन्ड की तस्वीर साझा करते हुए सवाल उठाया कि करीब 30 साल पुराने इस निवेश की मौजूदा वैल्यू कितनी हो सकती है। पोस्ट सामने आते ही लोग इसकी कीमत करोड़ों में आंकने लगे, लेकिन जांच करने पर इसकी वास्तविक कीमत इससे कहीं कम निकली।
रेडिट यूज़र @Warking223 के अनुसार, उनके चाचा को यह दस्तावेज़ 1995 में जारी एक रिटायरमेंट प्लान से जुड़ा मिला था। इसके बाद यूज़र्स ने तरह-तरह के अनुमान लगाने शुरू कर दिए। किसी ने इसकी कीमत 20 से 25 लाख रुपये बताई तो कुछ लोगों ने इसे 7 करोड़ रुपये तक का निवेश बता दिया।
क्या है यह बॉन्ड
दस्तावेज़ों के मुताबिक यह UTI का रिटायरमेंट बेनिफिट प्लान था, जिसे नॉन-ट्रांसफेरेबल रखा गया था। यानी यह बॉन्ड किसी और को ट्रांसफर नहीं किया जा सकता था और सिर्फ इसी योजना के तहत जारी किया गया था।
- जारी वर्ष: 1995
- स्थान: बॉम्बे (अब मुंबई)
- कुल यूनिट्स: 2,000
- प्रति यूनिट फेस वैल्यू: ₹10
- कुल निवेश: ₹20,000
सोशल मीडिया पर दावे
पोस्ट वायरल होने के बाद कई यूज़र्स ने मौजूदा NAV के आधार पर अनुमान लगाए। कुछ का मानना था कि यह निवेश 5 से 5.5 गुना तक बढ़ चुका होगा। वहीं, कुछ लोगों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि इसी तरह के प्लान से उन्हें या उनके परिचितों को करीब 89,000 रुपये तक की राशि मिली थी।
असलियत क्या है
सोशल मीडिया पर चल रही अटकलों के उलट, अगर दिसंबर 2025 के आसपास की नेट एसेट वैल्यू (NAV) लगभग ₹50.71 मानी जाए, तो इस निवेश की मौजूदा कीमत कुछ इस तरह बनती है—
- कुल यूनिट्स: 2,000
- मौजूदा NAV: ₹50.71
- कुल वैल्यू: करीब ₹1,01,420
यानी यह निवेश आज करीब 1 लाख रुपये के आसपास का है, न कि करोड़ों का।
निवेश से क्या सीख
करीब तीन दशकों में यह निवेश लगभग पांच गुना बढ़ा है। भले ही यह कोई चौंकाने वाला रिटर्न न हो, लेकिन यह उदाहरण बताता है कि लंबी अवधि तक धैर्य के साथ किया गया निवेश समय के साथ स्थिर और भरोसेमंद रिटर्न दे सकता है।