हिसार | हरियाणा के बीजेपी विधायक रणधीर पनिहार के जोधपुर दौरे ने बिश्नोई समाज में राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है। 11 दिसंबर को हिसार से जोधपुर आए पनिहार और पूर्व सांसद कुलदीप बिश्नोई का एयरपोर्ट पर गर्मजोशी से स्वागत किया गया। दोनों को फूल-मालाएं पहनाई गई और समाज के लोगों ने साफा बांधकर सम्मानित किया।
हालांकि, इस स्वागत ने समाज के बड़े संतों में नाराजगी पैदा कर दी। अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा के प्रमुख संत और योग गुरु लालदास ने वीडियो संदेश जारी कर कहा कि रणधीर पनिहार को सम्मानित करना अनुचित है। उनके अनुसार, पनिहार ने 2024 में समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेंद्र बूड़िया के साथ विवाद किया था और ऐसे व्यक्ति को मंच पर सम्मानित करना समाज के स्वाभिमान के खिलाफ है।
संत लालदास ने कहा, “कुलदीप बिश्नोई का सम्मान करना तो समझ में आता है, लेकिन पनिहार को फूल-मालाएं पहनाना और साफा बांधना गलत संदेश देता है। राष्ट्रीय अध्यक्ष का दर्जा राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री के बराबर है। ऐसे व्यक्ति को, जिसने अध्यक्ष के साथ अनुचित व्यवहार किया, सम्मानित करना पूरे समाज का अपमान है।”
वहीं, रणधीर पनिहार ने सार्वजनिक तौर पर इसे मनगढ़ंत आरोप बताया और कहा कि देवेंद्र बूड़िया अभी भी उनके दोस्त हैं। उनका कहना है कि सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे आरोप वास्तविकता से परे हैं।
2024 के विधानसभा चुनाव में कुलदीप बिश्नोई ने पनिहार को बीजेपी टिकट दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। पनिहार के जीतने के बावजूद कुलदीप के परिवार के सदस्य चुनाव हार गए थे। पनिहार ने चुनाव के दौरान कहा था कि वे कुलदीप के लिए विधायक पद तक छोड़ने को तैयार हैं।
जोधपुर एयरपोर्ट पर हुए स्वागत के बाद समाज में बहस तेज हो गई है। एक पक्ष इसे “अपनों का सम्मान” मान रहा है, जबकि दूसरा इसे समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष की गरिमा और स्वाभिमान से जुड़े मुद्दे के रूप में देख रहा है।