Shimla, 19 December-:पुलिस मुख्यालय ने अधिकारियों को मीडिया से बातचीत को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। डीजीपी की ओर से जारी सर्कुलर में स्पष्ट किया गया है कि अब सब-डिवीजनल अधिकारी (एसडीपीओ) और थाना प्रभारी (एसएचओ) अपने स्तर पर मीडिया को कोई भी बयान नहीं देंगे। यह आदेश कानून-व्यवस्था, अपराध, जांच और पुलिसिंग से जुड़े सभी आधिकारिक मामलों पर लागू होगा।
पुलिस मुख्यालय ने यह कदम ऐसे समय में उठाया है जब देखा गया कि कई बार नई पोस्टिंग जॉइन करने वाले अधिकारी या थाना प्रभारी मीडिया से बातचीत कर रहे हैं। इसमें अपराध या जांच से जुड़े मामलों पर प्रतिक्रिया देना, पुलिसिंग से जुड़े विषयों पर टिप्पणी करना और अन्य औपचारिक बयानों का आदान-प्रदान शामिल है।सर्कुलर के अनुसार अब केवल एसपी और रेंज के डीआईजी को मीडिया से औपचारिक बातचीत का अधिकार होगा। साथ ही, वे भी किसी मामले पर बयान देने से पहले पुलिस मुख्यालय से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। अन्य अधिकारी न तो प्रिंट मीडिया, न इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और न ही सोशल मीडिया पर किसी प्रकार की प्रतिक्रिया या जानकारी साझा कर सकते हैं। इंटरव्यू या ब्रीफिंग भी केवल सक्षम अधिकारी की लिखित अनुमति से ही दी जा सकेगी।
डीजीपी ने कहा कि यह निर्देश केंद्रीय सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1964, हिमाचल प्रदेश पुलिस अधिनियम, 2007 और पंजाब पुलिस नियम, 1934 के तहत जारी किए गए हैं। इसमें बिना अनुमति मीडिया से बात करने पर रोक और अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रावधान है।सर्कुलर में सभी वरिष्ठ अधिकारियों को अपने अधीनस्थों को इन निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया गया है। पुलिस मुख्यालय ने चेतावनी दी है कि आदेशों का उल्लंघन करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सेवा नियमों और पुलिस कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी।