नई दिल्ली । अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) ने जेफरी एपस्टीन से जुड़े हाल ही में जारी दस्तावेजों से हटाई गई राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तस्वीर को एक बार फिर सार्वजनिक कर दिया है। तस्वीर हटाए जाने को लेकर सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली थी, जिसके बाद न्याय विभाग ने इसे दोबारा डेटाबेस में बहाल कर दिया।
दरअसल, एपस्टीन से संबंधित दस्तावेजों के एक सेट में मौजूद एक तस्वीर में डोनाल्ड ट्रंप कुछ महिलाओं के साथ नजर आ रहे हैं। यह तस्वीर अस्थायी रूप से सार्वजनिक रिकॉर्ड से हटा दी गई थी, जिस पर व्यापक विरोध दर्ज किया गया। विरोध के बाद न्याय विभाग ने स्पष्ट किया कि यह कदम स्थायी नहीं था और केवल समीक्षा के उद्देश्य से उठाया गया था।
क्यों हटाई गई थी तस्वीर
न्याय विभाग के अनुसार, न्यूयॉर्क के साउदर्न डिस्ट्रिक्ट ने पीड़ितों की पहचान की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस तस्वीर पर आपत्ति जताई थी। इसी के चलते तस्वीर को अस्थायी रूप से हटाकर इसकी समीक्षा की गई। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि इस फोटो में जेफरी एपस्टीन के किसी भी पीड़ित को दर्शाया नहीं गया है।
किन तस्वीरों को लेकर हुआ विवाद
एपस्टीन फाइल्स में शामिल तस्वीरों में एक फोटो में ट्रंप महिलाओं के एक समूह के साथ खड़े दिखाई देते हैं। वहीं, एक अन्य तस्वीर में वे अपनी पत्नी मेलानिया ट्रंप, जेफरी एपस्टीन और उसकी दोषी ठहराई जा चुकी सहयोगी घिसलेन मैक्सवेल के साथ नजर आते हैं। इसके अलावा, इन फाइलों में एपस्टीन की पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन और पोप जॉन पॉल द्वितीय के साथ की तस्वीरें भी शामिल हैं।
DOJ का आधिकारिक बयान
न्याय विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी बयान में कहा कि न्यूयॉर्क के साउदर्न डिस्ट्रिक्ट ने संभावित आगे की कार्रवाई के मद्देनज़र राष्ट्रपति ट्रंप की एक तस्वीर को चिन्हित किया था। विभाग ने बताया कि विस्तृत समीक्षा के बाद यह निष्कर्ष निकला कि तस्वीर में एपस्टीन के किसी भी पीड़ित के शामिल होने का कोई प्रमाण नहीं है। इसके बाद तस्वीर को बिना किसी बदलाव या संपादन के दोबारा सार्वजनिक कर दिया गया।
इस घटनाक्रम ने एपस्टीन फाइल्स को लेकर जारी राजनीतिक और सार्वजनिक बहस को एक बार फिर तेज कर दिया है।