चंडीगढ़। हरियाणा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने अरावली पर्वतमाला को लेकर चल रहे विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। एक वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि यह मुद्दा किसी राजनीतिक एजेंडे से नहीं, बल्कि हमारे भविष्य, अस्तित्व और सांसों से जुड़ा हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पहाड़ों की अहमियत उनकी ऊंचाई से नहीं, बल्कि उनके पर्यावरणीय योगदान से तय होती है और छोटी पहाड़ियां भी उतनी ही आवश्यक हैं जितनी बड़ी चोटियां।
राव नरेंद्र सिंह ने 100 मीटर से कम ऊंचाई वाली पहाड़ियों को अरावली मानने से इनकार किए जाने पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अरावली उत्तर भारत की प्राकृतिक सुरक्षा दीवार है, जो शहरों के फेफड़ों की तरह काम करती है और देश का सबसे बड़ा भूजल रिचार्ज क्षेत्र भी है। यदि अरावली की छोटी पहाड़ियों को खनन के लिए खोला गया, तो इसका सीधा असर पर्यावरण पर पड़ेगा और रेगिस्तान आबादी वाले इलाकों तक पहुंच सकता है।
उन्होंने कहा कि आज अरावली के रहते हालात चिंताजनक हैं, ऐसे में इसके बिना स्थिति और भी भयावह हो सकती है। राव नरेंद्र सिंह ने केंद्र सरकार और सर्वोच्च न्यायालय से अपील की कि अरावली को उसकी ऊंचाई के आधार पर नहीं, बल्कि उसके पर्यावरणीय महत्व और योगदान को ध्यान में रखते हुए संरक्षित किया जाए।