भिवानी। सीआईए द्वितीय ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हनी ट्रैप गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में दो युवतियों सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो लोगों को जाल में फंसाकर उनसे मोटी रकम वसूलते थे। पुलिस के अनुसार गिरोह अब तक चार से पांच लोगों को अपना शिकार बना चुका है, जबकि इसमें शामिल दो से तीन आरोपी अभी फरार हैं।
मामले का खुलासा करते हुए डीएसपी महेश कुमार ने बताया कि हिसार निवासी ठेकेदार देवेंद्र ने शहर थाना भिवानी में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार 16 सितंबर को उसके पास गांव मिताथल हाल विद्या नगर निवासी प्रिया (28) की व्हाट्सएप कॉल आई, जिसके बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हो गई।
डीएसपी के मुताबिक 22 अक्तूबर को देवेंद्र चरखी दादरी जाने वाला था। इसी दौरान उसने युवती से भिवानी में मिलने को कहा। देवेंद्र बस स्टैंड भिवानी पर प्रिया से मिला, जहां से युवती उसे अपनी स्कूटी पर आगे-आगे चलती हुई हनुमान ढाणी स्थित एक किराए के मकान पर ले गई। मकान में पहुंचते ही युवती ने अपने साथियों को इशारा कर दिया।
इसके बाद चरखी दादरी के गांव जेवली निवासी संदीप (35) और राहुल (24) कमरे में दाखिल हुए और देवेंद्र के साथ मारपीट की। आरोपियों ने उसकी वीडियो बना ली और उसे वायरल करने व झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर 10 लाख रुपये की मांग की। बाद में सौदेबाजी के बाद पांच लाख रुपये में समझौता तय हुआ।
आरोपियों ने शिकायतकर्ता से 99 हजार रुपये गूगल-पे के जरिए ट्रांसफर कराए और दो-दो लाख रुपये के दो चेक भी ले लिए। इसके बावजूद आरोपियों ने दोबारा फोन कर और पैसों की मांग की। इस मामले में हनुमान गेट भिवानी निवासी सीमा (32) की भूमिका भी सामने आई है।
शिकायत के आधार पर शहर थाना भिवानी में मामला दर्ज किया गया। 21 दिसंबर को सीआईए द्वितीय और शहर थाना भिवानी की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए संदीप, राहुल, सीमा और प्रिया को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने सीमा और प्रिया को अदालत में पेश कर जिला कारागार भेज दिया, जबकि संदीप और राहुल को पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल मोबाइल फोन और पांच हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने झज्जर निवासी एक व्यक्ति से भी हनी ट्रैप के जरिए तीन लाख रुपये ऐंठने की बात कबूल की है। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।